बागेश्वर धाम के 'पुत्र योग' के दावे पर सवाल; चौथी संतान के रूप में बेटी का जन्म, अनीस ने की वैज्ञानिक जांच की मांग.
नागपुर: बागेश्वर धाम के पर्चे पर पत्नी की कुंडली में 'पुत्र योग' होने का उल्लेख किए जाने का दावा करने वाले एक व्यक्ति के घर चौथी संतान के रूप में बेटी का जन्म हुआ। इसके बाद कथित 'पुत्र योग' के दावे पर सवाल उठे हैं।
संबंधित व्यक्ति ने अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अनीस) से संपर्क कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देने का दावा किया है। उसके अनुसार, बागेश्वर धाम में पत्नी को कथित 'प्रेतबाधा' के बारे में बताया गया था। इसके बाद मिले पर्चे पर 'पुत्र योग' लिखा होने का दावा किया गया।
इस कथित उल्लेख के बाद परिवार को अगली संतान बेटा होने की उम्मीद थी। हालांकि, चौथी संतान के रूप में बेटी के जन्म के बाद पिता ने नाराजगी जताई और कथित तौर पर बागेश्वर धाम के दरबार में जाकर सवाल भी उठाए।
बाद में अनीस के साथ चर्चा के बाद उन्हें यह एहसास हुआ कि बच्ची के जन्म के लिए उसे किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। इसके बाद उन्होंने बेटी को स्वीकार कर उसका प्रेमपूर्वक पालन-पोषण करने का निर्णय लिया।
अनीस ने क्या मांग की?
अखिल भारतीय अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति ने संबंधित पर्चे, उसमें लिखे कथित 'पुत्र योग' और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच किए जाने की मांग की है।
समिति के अनुसार, पर्चे पर वास्तव में क्या लिखा था और उसका संदर्भ क्या था, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी किसी तीसरे पक्ष से नहीं हुई है। इसलिए संबंधित दस्तावेज और दावे की निष्पक्ष जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।