अंबरनाथ में ग्रीन डेटा सेंटर को ट्रीटेड सीवेज का पानी देने पर मनसे का कड़ा ऐतराज
मनसे ने अंबरनाथ नगर परिषद के नगराध्यक्ष को पत्र लिखकर एजेंडा के विषय क्रमांक 58 पर आपत्ति जताई है।
अंबरनाथ नगर परिषद के एजेंडा में विषय क्रमांक 58 है। इसके तहत प्रस्तावित 'ग्रीन एकात्मिक डेटा सेंटर पार्क' को वडोलगाव और चिखलोली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का ट्रीटेड पानी देने की बात चल रही है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे ने इसका कड़ा विरोध किया है।
मनसे के कल्याण लोकसभा जिला अध्यक्ष बंडू देशमुख ने इस बारे में अंबरनाथ नगर परिषद के नगराध्यक्ष को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने पार्टी का रुख साफ किया है।
नगर परिषद के प्रस्ताव के मुताबिक वडोलगाव और चिखलोली के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से निकला ट्रीटेड पानी प्रस्तावित ग्रीन एकात्मिक डेटा सेंटर पार्क को देने का विषय विचाराधीन है। मनसे का कहना है कि शहर की आगे की जरूरतों को देखते हुए यह पानी किसी प्राइवेट प्रोजेक्ट को नहीं दिया जाना चाहिए।
महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल यानी MPCB के जनवरी 2026 के रिकॉर्ड के अनुसार वडोलगाव एसटीपी की क्षमता 45 एमएलडी है। चिखलोली एसटीपी की क्षमता 9 एमएलडी है। दोनों को मिलाकर कुल क्षमता 54 एमएलडी बैठती है। MPCB के रिकॉर्ड से यह भी साफ होता है कि आगे अंबरनाथ की सीवेज व्यवस्था के लिए और एसटीपी क्षमता की जरूरत पड़ेगी।
मनसे की मांग है कि ट्रीटेड पानी प्राइवेट डेटा सेंटर को देने के बजाय प्रशासन एक अलग योजना बनाए। इसमें देखा जाए कि यह पानी अंबरनाथ शहर के बगीचों, पेड़ लगाने, हरित क्षेत्र और दूसरी सार्वजनिक जरूरतों में कैसे इस्तेमाल हो सकता है।
पार्टी का यह भी कहना है कि प्राइवेट प्रोजेक्ट्स को पानी देने से पहले अंबरनाथ शहर की सीवेज ट्रीटमेंट व्यवस्था को पूरी तरह सक्षम करना जरूरी है। आगे कभी कमर्शियल इस्तेमाल के लिए पानी देना ही पड़े, तो उसे सीधे प्राइवेट डेटा सेंटर को न दिया जाए। प्रशासन दूसरे विकल्पों की जांच करे, यह मनसे की भूमिका है।
अब सबकी नजर इस पर है कि इस आपत्ति के बाद नगर परिषद विषय क्रमांक 58 पर क्या फैसला लेती है। देखना होगा कि ग्रीन डेटा सेंटर को ट्रीटेड पानी देने का प्रस्ताव आगे बढ़ता है या उसमें बदलाव किया जाता है।