अकोला में साल भर में 140 अंतरजातीय शादियां, 11 जोड़ों का अनुदान अटका
अकोला जिले में अस्पृश्यता निवारण योजना के तहत अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि पाने वाले जोड़ों की संख्या 140 पहुंची, लेकिन 11 जोड़ों के कागजात की जांच अभी बाकी है।
अकोला जिले में राज्य सरकार की अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत पिछले एक साल में 140 दंपतियों को 50 हजार रुपये की अनुदान राशि मिल चुकी है। यह योजना राज्य सरकार के अस्पृश्यता निवारण कार्यक्रम के तहत चलाई जाती है, जिसका मकसद अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देकर सामाजिक भेदभाव कम करना और सामाजिक समानता को मजबूत करना है।
जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग के मुताबिक जिले में अब तक कुल 175 प्रस्ताव आ चुके हैं। इनमें से 124 प्रस्ताव 31 मार्च तक दाखिल हुए थे, जबकि 1 अप्रैल के बाद 51 और आवेदन आए। इस तरह कुल 175 प्रस्तावों में से 2025-26 के वित्तीय वर्ष में 56 और 2026-27 में 84, यानी कुल 140 दंपतियों को योजना का फायदा मिल चुका है।
बाकी बचे 35 प्रस्तावों में से 8 ऐसे हैं जो मूल कागजात की जांच में पात्र पाए गए हैं। वहीं 11 प्रस्ताव ऐसे हैं जिनके मूल दस्तावेजों की जांच अभी बाकी है, हालांकि ये पात्र प्रस्ताव माने जा रहे हैं। बचे हुए 16 प्रस्तावों में कोई ना कोई कमी पाई गई है, यह जानकारी जिला परिषद के समाज कल्याण विभाग ने दी।
समाज कल्याण विभाग का कहना है कि सरकार के सामाजिक समानता वाले मकसद को आगे बढ़ाने के लिए ऐसे मामलों को प्राथमिकता देकर अटकी हुई अनुदान प्रक्रिया जल्द पूरी करनी जरूरी है। लेकिन जिन 11 दंपतियों के मूल कागजात की जांच बाकी है, उन्हें दफ्तर से बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिल रहा, यह बात विभाग ने बताई।
योजना के तहत शादी के बाद जरूरी दस्तावेजों के साथ लाभ के लिए आवेदन करना होता है। पात्रता और कागजातों की जांच पूरी होने के बाद अनुदान की रकम लाभार्थियों के खाते में जमा की जाती है। 2026-27 साल के लिए सरकार ने पात्र लाभार्थियों के लिए कुल 42 लाख रुपये मंजूर किए हैं, यह जानकारी विभाग की तरफ से दी गई।
जिले में कुल 175 प्रस्तावों में से 140 का निपटारा हो चुका है। कुछ पात्र लाभार्थियों के कागजात की जांच अभी बाकी है और दफ्तर की तरफ से उनसे लगातार संपर्क किया जा रहा है, लेकिन उनका जैसा जवाब मिलना चाहिए वैसा नहीं मिल रहा। यह बात अकोला के समाज कल्याण अधिकारी तुषार जाधव ने कही।