अजित आगरकर के बाद प्रज्ञान ओझा अंतरिम चीफ सिलेक्टर, गंभीर से न्यूजीलैंड दौरे पर लंबी बात
अजित आगरकर के इस्तीफे के बाद पूर्व बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा को चार सदस्यीय राष्ट्रीय चयन समिति का अंतरिम प्रमुख बनाया गया है।
अजित आगरकर के इस्तीफे के बाद पूर्व बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज प्रज्ञान ओझा को चार सदस्यीय राष्ट्रीय चयन समिति का अंतरिम प्रमुख बनाया गया है। देखने में यही लग रहा है कि भारत का नया मुख्य चयनकर्ता बनने की दौड़ में ओझा अब सबसे आगे हैं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे मैच से एक दिन पहले गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में एक दिलचस्प नजारा दिखा। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने प्रैक्टिस सेशन के दौरान पूरी चयन समिति के साथ लंबी और गंभीर बातचीत की। किसी सीरीज के बीच चारों चयनकर्ताओं का एक साथ मौजूद होना कम ही होता है, इसलिए इस बैठक की अहमियत और बढ़ गई है।
वेस्टइंडीज की टीम जब स्टेडियम में प्रैक्टिस कर रही थी, तब गंभीर ने एक तरफ जाकर शिव सुंदर दास, अजय रात्रा, आरपी सिंह और प्रज्ञान ओझा के साथ तफसील से चर्चा की। जाने वाले मुख्य चयनकर्ता अजित आगरकर इस बैठक में मौजूद नहीं थे। भारत के लिए 24 टेस्ट मैच खेल चुके प्रज्ञान ओझा ने इस चर्चा में चयन समिति की अगुवाई की। माना जा रहा है कि पूरी बातचीत आने वाले न्यूजीलैंड दौरे के लिए टीम के चयन और खिलाड़ियों को चुनने की रणनीति पर टिकी थी।
भारतीय टीम 22 अक्टूबर से 27 नवंबर तक न्यूजीलैंड के पूरे दौरे पर रहेगी। इस लंबे दौरे के लिए चयन समिति को इंडिया 'ए' टीम के तीन टेस्ट, एक टी-20 सीरीज और एक वनडे सीरीज के साथ मुख्य टेस्ट टीम भी चुननी होगी।
पांच मैचों की टी-20 सीरीज 22 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में शुरू होगी। पांच मैचों की वनडे सीरीज 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेली जाएगी। दौरे का अंत दो मैचों की टेस्ट सीरीज से होगा, जो 19 नवंबर से शुरू होगी और वेलिंगटन व क्राइस्टचर्च में खेली जाएगी। मुख्य सीरीज के साथ-साथ इंडिया 'ए' टीम 24 अक्टूबर से 10 नवंबर के बीच न्यूजीलैंड में तीन 'ए' टेस्ट मैच भी खेलेगी।
वनडे सीरीज का आखिरी मैच 15 नवंबर को टौरंगा में खेला जाएगा, जबकि पहला टेस्ट 19 नवंबर को वेलिंगटन में शुरू होगा। टेस्ट मैचों की बेहतर तैयारी के लिए वनडे और टेस्ट दोनों टीमों के कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को वनडे सीरीज के दौरान ही जल्दी न्यूजीलैंड भेजा जा सकता है।
2027 के वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी को देखते हुए चयन समिति और टीम मैनेजमेंट इस दौरे पर खिलाड़ियों के वर्कलोड को संभालने और अलग-अलग फॉर्मेट के कॉम्बिनेशन को परखने पर ध्यान दे रहे हैं।