8वें वेतन आयोग में पेंशन कितनी बढ़ेगी, फिटमेंट फैक्टर के हिसाब से अंदाजा
केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनधारक 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर 2.1, 2.28 और 2.57 पर अलग-अलग स्तर की अंदाजित न्यूनतम मूल पेंशन सामने आई है।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनधारकों की नजर इन दिनों 8वें वेतन आयोग पर टिकी है। रिटायर्ड कर्मचारियों को उम्मीद है कि तनख्वाह के साथ पेंशन में भी अच्छी बढ़ोतरी होगी।
कई कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने अपनी मांगें रखी हैं। एनसी-जेसीएम पेंशन संगठन ने आखिरी वेतन का 67 टक्का पेंशन और 50 टक्का फैमिली पेंशन मांगा है। अखिल भारतीय संरक्षण कर्मचारी संघटना की मांग भी यही है कि पेंशन आखिरी वेतन का 67 टक्का हो और फैमिली पेंशन 50 टक्का।
भारत पेंशनर्स समाज ने न्यूनतम पेंशन Rs 45,000 करने की मांग की है। साथ ही आखिरी वेतन का 67 टक्का पेंशन और 50 टक्का फैमिली पेंशन भी मांगी है। संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए रिटायर्ड कर्मचारियों को ज्यादा आर्थिक सहारा मिलना चाहिए, इसी वजह से ये मांगें रखी गई हैं।
अब फिटमेंट फैक्टर की बात। पेंशन और तनख्वाह बढ़ाने के हिसाब में यह एक अहम गुणक होता है। मौजूदा मूल वेतन को इससे गुणा करके नई तनख्वाह या पेंशन तय की जाती है।
दिए गए अंदाज के मुताबिक 2.1 फिटमेंट फैक्टर लागू हुआ तो न्यूनतम मूल पेंशन में सीमित बढ़ोतरी होगी। तब स्तर पांच के लिए 30,660 रुपये, स्तर छह के लिए 37,170 रुपये, स्तर सात के लिए 47,145 रुपये, स्तर आठ के लिए 49,980 रुपये और स्तर नौ के लिए 55,755 रुपये अंदाजित न्यूनतम मूल पेंशन हो सकती है।
फिटमेंट फैक्टर 2.28 तय हुआ तो न्यूनतम मूल पेंशन और बढ़ सकती है, ऐसा अंदाज जताया जा रहा है। इसमें स्तर पांच के लिए 33,288 रुपये, स्तर छह के लिए 40,356 रुपये, स्तर सात के लिए 51,186 रुपये, स्तर आठ के लिए 54,264 रुपये और स्तर नौ के लिए 60,534 रुपये बताए गए हैं।
सबसे ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना 2.57 फिटमेंट फैक्टर में बताई गई है। इस विकल्प को माना गया तो गणना के मुताबिक स्तर पांच के लिए 37,522 रुपये, स्तर छह के लिए 45,489 रुपये, स्तर सात के लिए 57,697 रुपये, स्तर आठ के लिए 61,166 रुपये और स्तर नौ के लिए 68,234 रुपये अंदाजित न्यूनतम मूल पेंशन होगी।
इससे साफ है कि फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा, अंदाजित पेंशन की रकम भी उतनी ज्यादा। लेकिन आखिरी फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
पेंशनधारकों को कुछ बातें याद रखनी चाहिए। अभी जो रकमें चर्चा में हैं, वे सिर्फ अंदाजित हैं, मंजूर नहीं हैं। अंतिम पेंशन कर्मचारी के स्तर, मौजूदा मूल पेंशन और लागू नियमों के हिसाब से तय होगी। असल बढ़ोतरी सरकार का आधिकारिक आदेश आने के बाद ही लागू होगी।
सरकार का अंतिम फैसला क्या होगा, यह अभी साफ नहीं है। इसलिए पेंशनधारकों को अफवाहों के बजाय आधिकारिक अधिसूचना और सरकारी आदेशों पर ही भरोसा करना चाहिए।