44 गैर-अनुदानित खेल श्रेणियों में छात्रों को मिलेगा ग्रेस मार्क्स, प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश
विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे ने विनाअनुदानित 44 खेल प्रकारों में उम्दा प्रदर्शन करने वाले स्कूली छात्रों को खेल सवलत गुण देने के लिए तुरंत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
स्कूली छात्रों के खेल, पढ़ाई और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए महाराष्ट्र में एक बड़ा फैसला लेने की तैयारी तेज हो गई है। विधानसभा उपाध्यक्ष अण्णा बनसोडे ने साफ निर्देश दिए हैं कि विनाअनुदानित 44 खेल प्रकारों में शानदार प्रदर्शन करने वाले छात्रों को खेल सवलत के गुण देने का सकारात्मक प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार किया जाए।
यह निर्देश उन्होंने एक खास बैठक में दिए, जो स्कूली खेल प्रकारों के इन 44 खेलों को खेल गुणों की सवलत देने के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा करने के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक की अध्यक्षता खुद अण्णा बनसोडे ने की।
बैठक में यह बात उठी कि खेलों से छात्रों की पर्सनैलिटी का सही विकास होता है और इससे एक सेहतमंद व मजबूत राष्ट्र बनाने में भी बड़ी मदद मिलती है। अभी राज्य की कई स्कूलें सरकार से किसी भी तरह की आर्थिक मदद लिए बिना अपने दम पर कई खेल प्रकारों और तरह-तरह की प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन करती हैं। इन प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर बेहतरीन कामयाबी हासिल करने वाले छात्रों की काबिलियत और परफॉर्मेंस को सही तरीके से पहचानना, प्रशासनिक और पढ़ाई दोनों नजरिए से बहुत जरूरी है। इसीलिए ऐसे छात्रों को स्कूली नंबरों में खेल सवलत के गुण मिलें, इसके लिए संबंधित सभी विभागों को बिना देरी किए सकारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
महाराष्ट्र राज्य शालेय खेल क्रीडा संस्था लगातार इस मामले में मांग उठाती रही है। संस्था की मुख्य मांग के मुताबिक, अभी विनाअनुदानित 44 खेल प्रकारों में छठी से बारहवीं क्लास तक पढ़ने वाले चार लाख से ज्यादा छात्र तालुका, जिला और राज्य स्तर पर काफी उम्दा प्रदर्शन कर रहे हैं। इन मेहनती छात्रों को अपने खेल हुनर के लिए बेहतर मौका और स्कोप मिले, साथ ही उनकी आगे की पढ़ाई में भी सही प्रोत्साहन मिले, इसी मकसद से संस्था खेल सवलत के गुण देने की मांग पर लगातार अड़ी रही।
अण्णा बनसोडे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रशासन और खेल क्षेत्र के कई अहम अफसर और पदाधिकारी शामिल हुए। इनमें स्कूली शिक्षा विभाग की अवर सचिव रुपाली सावंत, क्रीडा संचालनालय के उपसंचालक नवनाथ फरताडे, खेल विभाग के कक्ष अधिकारी कुणाल सरपाते, स्कूली शिक्षा विभाग के सहायक कक्ष अधिकारी दारासिंग दुल्हत और महाराष्ट्र राज्य शालेय खेल क्रीडा संस्था के अध्यक्ष शाम राजाराम भोसले का नाम शामिल है। इसके अलावा अलग-अलग विनाअनुदानित स्कूली खेलों के अनुभवी कोच और संस्था के दूसरे पदाधिकारी भी इस अहम बैठक में मौजूद रहे और चर्चा में शामिल हुए।