34 ट्रिलियन डॉलर के कर्ज के बावजूद अमेरिका में रिकॉर्ड विदेशी निवेश, जानिए वजह
कर्ज बढ़ने के बावजूद अमेरिकी इक्विटी में विदेशी निवेश रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, AI सेक्टर में तेजी बनी बड़ी वजह
दुनिया भर में जंग जैसे हालात की वजह से लगभग हर देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है, और अमेरिका भी इससे अछूता नहीं है। अमेरिका का कर्ज भी लगातार बढ़ता जा रहा है और यह आंकड़ा फिलहाल 34 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। इतने भारी कर्ज के बावजूद अमेरिका की स्थिति बाकी देशों से अलग नजर आ रही है, क्योंकि वहां विदेशी निवेशकों का पैसा लगातार बरस रहा है।
जुलाई महीने के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों के पास अमेरिकी इक्विटी में कुल 24.32 ट्रिलियन डॉलर का निवेश था। यह रकम अब तक के इतिहास में तीसरी सबसे बड़ी रकम बताई जा रही है। साल की शुरुआत से लेकर अब तक अमेरिकी इक्विटी में विदेशी निवेश 2.22 ट्रिलियन डॉलर यानी 10 फीसदी बढ़ चुका है।
अगर 2022 से तुलना करें तो यह आंकड़ा 12.3 ट्रिलियन डॉलर तक यानी 103 फीसदी बढ़ चुका है। इसी वजह से अमेरिकी इक्विटी में विदेशी निवेश अमेरिका की कुल आर्थिक संपत्ति के 60 फीसदी तक जा पहुंचा है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। यह आंकड़ा साल 2000 में आए डॉट-कॉम बबल के उस वक्त के शिखर से भी करीब 6 फीसदी पॉइंट ज्यादा है। यानी विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी अमेरिकी इक्विटी में फिलहाल जबरदस्त बनी हुई है।
इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI में भारी निवेश करना बताया जा रहा है। दुनिया भर में AI से जुड़े शेयरों में हाल ही में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। दुनिया भर के निवेशक अमेरिका की इस AI तेजी में पैसा लगा रहे हैं, क्योंकि अमेरिका के पास दुनिया का सबसे मजबूत टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर है, एक बड़ा फाइनेंशियल मार्केट है, और आगे प्रोडक्टिविटी बढ़ने की उम्मीदें भी काफी ज्यादा हैं।
माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, मेटा और अमेजन जैसी बड़ी कंपनियां अमेरिका में AI पर बड़ा दांव खेल रही हैं। वहीं एनविडिया जैसी हार्डवेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनियां दुनिया भर के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना कंट्रोल रखती हैं। अमेरिका में चिप बनाने वाली और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वाली कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं और उनकी प्रति शेयर कमाई भी काफी मजबूत है। यही सारी वजहें हैं जिनके चलते दुनिया भर के निवेशक अमेरिका में लगातार पैसा लगा रहे हैं।