कुख्यात प्रमोद भागचंदानी के खिलाफ चौथी एफआईआर
गारमेंट व्यापारी से 45 हजार ऐंठे, जरीपटका के दर्जनों व्यापारी है पीड़ित, रैकेट के सदस्यों में खलबली
नागपुर.
अवैध निर्माण कार्य की आरटीआई में जानकारी हासिल करके नागरिकों को ब्लैकमेल करनेवाले कुख्यात प्रमोद भागचंदानी के खिलाफ जरीपटका पुलिस ने हफ्ता वसूली का मामला दर्ज किया है. 12 दिनों के भितर भागचंदानी के खिलाफ यह चौथा मामला दर्ज हुआ है. जिस तरह से उसके पीड़ित सामने आ रहे है उससे भागचंदानी और उसके साथियों में खलबली मची हुई है.
भागचंदानी 2004 से हफ्ता वसूली और ब्लैकमेलिंग में लिप्त है. वह अपने साथियों की मदद से नागरिकों के कथित अवैध निर्माण कार्य की आरटीआई में जानकारी हासिल करता था. इसके बाद नागरिकों से हफ्ता वसूली करता है. काफी समय से चल रहे इस रैकेट में यू-ट्यूबर तथा एक बड़े मराठी अखबार के ब्लैकमेलर भी शामिल है. बड़े मराठी अखबार के ब्लैकमेलर को वह विशेष सेवाएं भी उपलब्ध कराता था. इस वजह से मामले दर्ज होने के बावजूद भागचंदानी के रैकेट की सच्चाई को दबा दिया जाता था. 20 सितंबर को मनपा आसी नगर जोन के कर निरीक्षक सूरज स्वामी को जातिसूचक गालियां देकर हफ्ता वसूली करने का मामला दर्ज होने के बाद भागचंदानी रैकेट सामने आया है. मामला दर्ज होने के बाद भी भागचंदानी ने स्वामी को कार्यालय में जाकर जाति सूचक गालियां देकर धमकाया था. जिसके बाद दूसरा मामला दर्ज किया गया. इसके बाद भागचंदानी और उसके साथियों के खिलाफ सीताबर्डी थाने में तीसरा मामला दर्ज किया गया.
ताजा प्रकरण के पीड़ित व्यापारी रविशंकर केवलरामाणी है. भारमेंट व्यापारी केवलरामाणी का जरीपटका में मकान है. भागचंदानी ने जून 2019 में केवलरामाणी को कहा कि उन्होंने मकान में अवैध निर्माण कार्य किया है. इसकी शिकायत आई है. इसके आधार पर उनका निर्माण कार्य तोड़ा जा सकता है. उन्हें धमकी देकर 45 हजार रुपए लिए. भागचंदानी और उसके साथियों की जरीपटका में दहशत होने से केवलरामाणी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई. पांचपावली थाने में मामला दर्ज होने के बाद केवलरामाणी ने लोगों से संपर्क किया. कई लोगों ने उन्हें खूद के भी पीड़ित होने का बताया. इसके बाद केवलरामाणी ने जरीपटका थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने हफ्ता वसूली का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है. वह ब्लैकमेलिंग में भी भागिदार है. भागचंदानी ने हफ्ता वसूली से काफी संपति अर्जित की है. उसकी मनपा तथा एनआईटी में भी दहशत थी. वहां के कई अधिकारी उसकी ब्लैकमेलिंग वह नागरिकों से प्रापर्टी टैक्स कम कराने के बदले में भी उगाही करता है.
दुबई में मनी ट्रांसर्फर का रैकेट
इतवारी का एक बड़ा हवाला ऑपरेटर भागचंदानी का मददगार है. हवाला ऑपरेटर को सिक्के गलाते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था. फटे-पुराने नोट बदलने की आड़ में वह भागचंदानी की मदद से जाली नोटों का भी रैकेट भी चलाता था. उसके इसारे पर भागचंदानी ने कई विभागों में आरटीआई लगाई थी. इस हवाला ऑपरेटर का हाल में दुबई में 'मनी ट्रांसर्फर' का बड़ा रैकेट है. इस दिशा में ईडी तथा डीआरआई से जांच किए जाने पर सच्चाई सामने आ सकती है.
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