Tuesday, 6 October 2026

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छुटभैय्या भाजपा नेता को दो दिन की पुलिस हिरासत

सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी, एक माह से था फरार, कई लोग हुए है शिकार

छुटभैय्या भाजपा नेता को दो दिन की पुलिस हिरासत

नागपुर.

सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगारों को लाखों रुपए की चपत लगानेवाले राहुल श्रीराम बहोरिया को गणेशपेठ पुलिस ने दो दिन की हिरासत में लिया है.

राहुल के पिता श्रीराम बहोरिया मध्य नागपुर में सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर प्रसिद्ध थे. वे काफी समय कांग्रेस से जूड़े थे. उनकी अच्छी छवि का लाभ उठाकर राहुल लोगों को शिकार बनाता था. वह भाजपा के बजरिया वार्ड की कार्यकारिणी का पदाधिकारी है. इलाके में छूटभैय्या नेता के तौर पर चर्चित है. वह लोगों को मनपा, एनआईटी, विद्यापीठ में नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी का शिकार बनाता था. नौकरी लगाने के नाम पर रुपए ऐंठता था. यह गोरखधंधा करीब तीन साल से चल रहा था. इस दौरान उसने कई लोगों को फांसा. वह पार्टी के बड़े नेताओं के साथ अपने फोटो दिखाकर लोगों को प्रभावीत करता था. उसकी कलाकारी का इसी बात से पता चलता है कि जिस बड़े नेता का फोटो दिखाकर लोगों को प्रभावीत करता था उसी नेता के कर्मचारी से 1.75 लाख रुपए हजम कर लिए.

राहुल लोगों से ठगी की राशि दूसरों के बैंक खातों में जमा करावाता था. खाता धारकों को कमिशन भी देता था. वह ही राहुल को खाते से रुपए निकालकर देते थे. पीड़ितों ने अप्रैल माह में गणेशपेठ थाने में राहुल की शिकायत दर्ज कराई थी. आरंभ में पुलिस ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई. पीड़ितों की संख्या बढ़ने के बाद पुलिस हरकत में आई. 27 अगस्त को गणेशपेठ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया. इसमें राहुल के साथ सुभाष भुरघाटे, अभिजीत देशमुख, सीमा खंडेलवाल और गीता अवस्थी को आरोपी बनाया गया था. मामला दर्ज होने का पहले से पता चल जाने से राहुल फरार हो गया था. इसके बाद उसने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था जिसे अदालत ने ठुकरा दिया था. इसके बाद से वह पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था.

पीड़ित एक माह से राहुल की खोजबीन कर रहे थे. तीन दिन पहले आर्य नगर, कोराडी मार्ग पर वह पीड़ितों के हाथ लगा. लोगों ने उसे पकड़कर गणेशपेठ पुलिस को सौंपा. अस्पताल ले जाने पर वह सीने में दर्द की शिकायत करके भर्ती हो गया. मंगलवार को उसे अस्पातल से छूट्टी मिल गई. आज उसे अदालत में पेश करके दो दिन की हिरासत में लिया गया है. राहुल के पीड़ितों की संख्या काफी अधिक है. उसके पीड़ितों ने तहसील थाने में भी शिकायत दर्ज कराई है. पीड़ितों का कहना है कि गणेशपेठ पुलिस जांच को हल्के से ले रही है. राहुल के पीड़ितों की संख्या 100 से अधिक हो सकती है. पुलिस की ढिलाई के चलते पीड़ित सामने नहीं आ रहे है.

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