Thursday, 15 October 2026

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02:05 IST
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PT24 EXCLUSIVE

अंतत: कुख्यात ब्लैकमेलर प्रमोद भागचंदानी गिरफ्तार

तहसील पुलिस की कार्रवाई, गारमेंट व्यापारी से हफ्ता वसूली, चार दिन की हिरासत, 22 साल से अपराध में लिप्त

नागपुर.

कुख्यात ब्लैकमेलकर प्रमोद भागचंदानी को तहसील पुलिस ने हफ्ता वसूली के प्रकरण में गिरफ्तार किया है. भागचंदानी की गिरफ्तारी का पता चलते ही पीड़ितों की तहसील थाने में भीड़ जूट गई. इस कार्रवाई के बाद भागचंदानी के कई पीड़ित सामने आने का पता चला है. भागचंदानी को अदालत में पेश करके चार दिन की हिरासत में लिया गया है.

आरटीआई में नागरिकों के निर्माण कार्य की जानकारी जुटाकर हफ्ता वसूली करनेवाला भागचंदानी 2004 से सक्रिय है. उसने जरीपटका, इतवारी, गांधीबाग तथा महाल के कई व्यापारियों को निमार्ण कार्य तोड़ने अथवा बदनाम करने की धमकी देकर उगाही की है. उत्तर नागपुर में सक्रिय एक संगठन के अपराधी सदस्य और कुछ व्यापारी भागचंदानी और पीड़ित के बीच दलाल का काम करते थे. उनकी मदद से भागचंदानी ने 20 से 22 सालों में करोड़ों रुपए कमाए है. 20 सितंबर के बाद से अबतक उसके खिलाफ 6 मामले दर्ज हुए है. जिस प्रकरण में भागचंदानी की गिरफ्तारी हुई है उसके शिकायतकर्ता 62 वर्षीय हरीश रोचलदास केवलरमानी है. गारमेंट व्यापारी केवलरमानी की गांधीबाग में दुकान है. उनका परिवार सिंधी समाज में काफी प्रतिष्ठित है. इसी का लाभ उठाकर भागचंदानी उन्हें बदनाम करने की धमकी देता था. उसने केवलरमानी को आबकारी और पुलिस विभाग फर्जी शिकायत दर्ज करने की धमकी देकर पैसों की मांग की. केवलरमानी ने सामाजिक प्रतिष्ठा को देखते हुए भागचंदानी को दो लाख रुपए दे दिए. इसके बाद भी भागचंदानी उन्हें पैसों के लिए परेशान करने लगा. भागचंदानी के दूसरे पीड़ित सामने आते ही केवलरमानी ने भी शिकायत दर्ज कराई. 9 अक्तूबर को तहसील पुलिस ने भागचंदानी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया. आज दोपहर उसे गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उसे चार दिन अक्तूबर तक हिरासत में लिया है.

भागचंदानी के रैकेट में मनपा और एनआईटी के कुछ भ्रष्ट अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल है. वह भागचंदानी की फर्जी शिकायत के आधार पर नागरिकों को नोटिस जारी करते है. कई नोटिस में तो मनपा की मुहर तक नहीं लगी होती थी. पेशेवर अपराधी होने के बावजूद अधिकारी नोटिस में भागचंदानी के नाम का उल्लेख करके उससे सुलह करने के संकेत देते है. भागचंदानी की उगाही में हिस्सा मिलते ही मनपा-एनआईटी के अधिकारी शांत हो जाते है. भागचंदानी की शिकायत पर फर्जी नोटिस जारी करनेवाले अधिकारियों को भी पीड़ितों ने आरोपी बनाए जाने की मांग की है. जानकारों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति के कथित अतिक्रमण की पड़ोसी व्यक्ति ही शिकायत कर सकता है. इंदौरा चौक का निवासी भागचंदानी की उगाही पूरे शहर में फैली हुई थी.

मनपा-एनआईटी ने 9 माह में दिए 726 नोटिस

सूत्रों के अनुसार भागचंदानी की शिकायत पर मनपा-एनआईटी में बीते 9 माह में 726 लोगों को नोटिस जारी किए है. अधिकांश नोटिस मनपा के दमकल विभाग के है. इनमें अधिकांश इतवारी, महाल तथा गांधीबाग के व्यापारिक प्रतिष्ठान बताए गए है. इस नोटिस की आड़ में कई व्यापारी से उगाही की गई है.

पीड़ितों से शिकायत करने की अपील

जोन तीन के डीसीपी राहुल मदने ने भागचंदानी ने बताया कि अबतक शहर में भागचंदानी के खिलाफ 6 मामले दर्ज हुए है. उन्होंने पीड़ितों से बेखौफ होकर भागचंदानी और उसके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की अपील की है. मदने ने कहा कि भागचंदानी और उसके साथियों के खिलाफ नियमानुसार मकोका, एमपीडीए अथवा तड़ीपारी की कार्रवाई किए जाने का बताया है.

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