सौवें मराठी साहित्य सम्मेलन की अध्यक्षता से सई परांजपे का इनकार, अब किसके नाम पर चर्चा?
महाराष्ट्र साहित्य परिषद ने सौवें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए सई परांजपे से पूछा था, पर उन्होंने तबीयत का कारण बताकर मना कर दिया।
सौवें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए महाराष्ट्र साहित्य परिषद ने वरिष्ठ फिल्म निर्देशक, निर्माता और लेखिका सई परांजपे से बात की थी। लेकिन सई परांजपे ने अध्यक्ष बनने से मना कर दिया है। परिषद की तरफ से उनसे बाकायदा गुजारिश की गई थी कि वे यह जिम्मेदारी संभालें।
इससे पहले यह चर्चा भी खूब जोर पकड़ चुकी थी कि इस बार सम्मेलन की अध्यक्षता सई परांजपे ही करेंगी। अब उनके इनकार के बाद सवाल फिर वहीं आ खड़ा हुआ है कि अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन बैठेगा। यह सवाल अभी बना हुआ है और इसका जवाब सामने नहीं आया है।
महाराष्ट्र साहित्य परिषद के स्थानीय सचिव सुनील महाजन ने सई परांजपे से संपर्क किया था। उन्होंने उनसे कहा था कि इस ऐतिहासिक सौवें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का अध्यक्ष पद वे स्वीकार करें। मगर सई परांजपे ने उन्हें अपना इनकार बता दिया।
इनकार की वजह क्या रही? सुनील महाजन के मुताबिक सई परांजपे ने साफ मना किया है और इसके लिए अपनी तबीयत का कारण बताया है। यह जानकारी खुद महाराष्ट्र साहित्य परिषद के स्थानीय सचिव सुनील महाजन ने दी है।
इस साल का साहित्य सम्मेलन सौवां है, इसलिए इसका ऐतिहासिक होना तय माना जा रहा है। सुनील महाजन की तरफ से सई परांजपे से पूछा गया था, पर उन्होंने न कह दिया। अब नवंबर महीने में महाराष्ट्र साहित्य परिषद की बैठक एक बार फिर बुलाई गई है। इसी बैठक में तय होगा कि इस ऐतिहासिक सम्मेलन का अध्यक्ष कौन होगा।
सई परांजपे के मना करने के बाद अब देखना यह है कि सौवें साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष पद के लिए किसके नाम पर मुहर लगती है।
सई परांजपे सिनेमा की दुनिया का बड़ा नाम हैं। अपनी समानांतर फिल्मों के जरिए उन्होंने दर्शकों को थिएटर तक खींचा। कई बेहतरीन फिल्में देने वाली सई परांजपे अच्छी निर्देशक और निर्माता होने के साथ-साथ लेखिका भी हैं। वे मराठी लेखिका, नाटककार और पटकथाकार हैं, और बाल नाटक लिखकर उन्हें मंच पर पेश भी करती हैं। उन्होंने कई उम्दा बाल नाटक भी लिखे हैं।
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