राष्ट्रपति मुर्मू को नासिक कुंभ का न्योता, 3D पॉप-अप कार्ड के साथ दिया बुलावा
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन में द्रौपदी मुर्मू को नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले का न्योता दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में राज्य का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल बुधवार को राष्ट्रपति भवन पहुंचा। वहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नासिक-त्र्यंबकेश्वर में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले में आने का औपचारिक न्योता दिया गया। राष्ट्रपति 31 अक्टूबर को होने वाले भव्य ध्वजारोहण समारोह में शामिल होंगी, जिससे इस धार्मिक उत्सव की शुरुआत होगी।
यह निमंत्रण खास तौर पर बनवाया गया है। इसमें थ्री-डायमेंशनल पॉप-अप आर्टवर्क है, जो डिब्बा खोलते ही अपने आप खुल जाता है। मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार, कैबिनेट के साथी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी गए थे।
पांचों इंद्रियों का अनुभव
निमंत्रण का डिज़ाइन काफी अलग ढंग का है। अंदर का 3D पॉप-अप आर्टवर्क इस ऐतिहासिक आयोजन की गहरी पौराणिक पृष्ठभूमि, आध्यात्मिक भाव और भव्यता को दिखाता है।
इसकी बनावट देखने, सुनने, सूंघने, चखने और छूने, यानी पांचों इंद्रियों को एक साथ छूती है। इसके जरिए नासिक की सांस्कृतिक विरासत, पवित्र गोदावरी नदी की महिमा और भारतीय परंपरा में कुंभ मेले की सदियों पुरानी अहमियत को दिखाया गया है।
स्थानीय विरासत की झलक
इस 3D निमंत्रण के साथ मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को देसी चीजों की एक खास गिफ्ट टोकरी भी दी। इसमें राज्य की अलग-अलग छोटी अर्थव्यवस्थाओं की झलक है, यानी पुरानी आध्यात्मिक परंपराओं से लेकर आदिवासी उद्यमिता, कपड़े और स्थानीय खान-पान तक।
आदिवासी विकास विभाग के तहत शबरी नॅचरल्स के प्रमाणित सामान भी इसमें हैं। इनमें ऑर्गेनिक अगरबत्ती, मिलेट से बने खाने के सामान, महुआ फूल के उत्पाद, हाथ से बुनी बांस की चीजें और शुद्ध जंगली शहद शामिल हैं। ये इको-प्रोडक्ट जंगल में रहने वाले समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को दिखाते हैं और आदिवासी कारीगरों को आर्थिक ताकत देने में मदद करते हैं।
नासिक का स्वाद
टोकरी में येवला से सीधे मंगाई गई असली रेशमी पैठणी साड़ी है, जो महाराष्ट्र की पारंपरिक बुनाई की विरासत का सबसे ऊंचा नमूना मानी जाती है। नासिक इलाके की खेती की समृद्धि को दिखाने के लिए बढ़िया काली किशमिश और ऑर्गेनिक काजू रखे गए हैं।
इसके अलावा शहर के खान-पान की पहचान के तौर पर मशहूर नासिक का चिवड़ा, साथ में इलाके की बढ़िया मिठाइयां और चुनिंदा सूखे मेवे भी डिब्बे में रखे गए हैं।
मौजूद मान्यवर
प्रतिनिधिमंडल में खाद्य और नागरी आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल, जलसंपदा और कुंभ मेला मंत्री गिरीश महाजन, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे और अन्न व औषधि प्रशासन मंत्री नरहरि झिरवाळ शामिल थे। नासिक की महापौर हिमगौरी आडके-अहेर और त्र्यंबक नगर परिषद की अध्यक्ष त्रिवेणी तुंगार भी इस प्रोटोकॉल मुलाकात में मौजूद थीं।
धार्मिक और प्रशासनिक प्रमुखों में नासिक पुरोहित संघ के अध्यक्ष चंद्रशेखर पंचाक्षरी, त्र्यंबकेश्वर पुरोहित संघ के अध्यक्ष मनोज थेटे, सिंहस्थ कुंभ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण गेडाम और कुंभ मेला आयुक्त शेखर सिंह भी थे।
31 अक्टूबर के कार्यक्रम
गोदावरी के किनारे भव्य गोदा आरती होगी, जिसमें बड़ी तादाद में लोग एक साथ पूजा करेंगे। नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण की हाई-टेक वेबसाइट का औपचारिक उद्घाटन होगा। कुंभ मेले का आधिकारिक गीत और एक खास कलेक्टर्स एडिशन कॉफी-टेबल बुक जनता के लिए जारी की जाएगी। इसी दिन इंडिया पोस्ट की ओर से खास तौर पर तैयार कुंभ मेले का स्मारक डाक टिकट भी जारी होगा।
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