रण उत्सव 1 नवंबर से शुरू, टेंट सिटी में नए ठहरने के इंतज़ाम और नई एक्टिविटी
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रण उत्सव - द टेंट सिटी का 2026-27 सीज़न 1 नवंबर 2026 से 7 मार्च 2027 तक चलेगा। इस बार बेहतर ठहरने की व्यवस्था और कई नए अनुभव जुड़े हैं।
अहमदाबाद, 30 अक्टूबर 2026: रण उत्सव - द टेंट सिटी का 2026-27 सीज़न 1 नवंबर 2026 से शुरू होगा और 7 मार्च 2027 तक चलेगा। इस बार सैलानियों के लिए ठहरने की जगहें बेहतर की गई हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रम बढ़ाए गए हैं और कुछ नए अनुभव भी जोड़े गए हैं। उत्सव का संचालन और प्रबंधन Evoke Experiences कर रही है, जो Gujarat Tourism के साथ मिलकर काम करती है। इस बार ज़ोर इस बात पर भी रहेगा कि लोग सफेद रण से आगे बढ़कर कच्छ के दूसरे हिस्सों को भी देखें।
इस सीज़न की बड़ी बात यह है कि धोरडो में करीब 70 प्रीमियम सेमी-परमानेंट टेंट लगाए जा रहे हैं। ये पारंपरिक कैनवास वाले ठहरने के इंतज़ाम के एक हिस्से की जगह लेंगे। मकसद मेहमानों की सुविधा बढ़ाना है, साथ ही रण उत्सव की पहचान बन चुका टेंट में ठहरने का अनुभव भी बरकरार रखना है।
टेंट सिटी में दिन भर चलने वाली गतिविधियों का दायरा भी बढ़ेगा। इनमें क्राफ्ट वर्कशॉप, लाइव म्यूज़िक, स्टोरीटेलिंग सेशन, प्रदर्शनियां, स्टैंड-अप परफॉर्मेंस और बच्चों के लिए खास एक्टिविटी शामिल हैं। इन्हें परिवारों और कई रातें रुकने वाले सैलानियों को ध्यान में रखकर जोड़ा गया है, ताकि उनका वक्त और दिलचस्प बीते।
टेंट सिटी के बाहर भी Evoke Experiences अपना "पूरे कच्छ" वाला नज़रिया मज़बूत कर रही है। वह चाहती है कि सैलानी धोरडो के साथ धोलावीरा, मांडवी और रोड टू हेवन जैसी जगहें भी देखें। इन यात्राओं में सफेद रेगिस्तान, स्थानीय हस्तशिल्प की परंपराएं, गांवों में लोगों से मुलाकात, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, समुद्री तट के अनुभव और सिंधु घाटी सभ्यता की पुरातात्विक विरासत एक साथ शामिल हैं।
धोलावीरा में Evoke करीब 50 टेंट जोड़ रही है। वहां उसके पास पहले से 44 पक्के कॉटेज हैं। बच्चों के लिए एक नया इंटरैक्टिव खुदाई अनुभव भी तैयार किया जा रहा है, जिससे छोटे सैलानी पुरातात्विक खोज और हड़प्पा सभ्यता के इतिहास से रूबरू हो सकें।
आने वाले सीज़न पर Evoke Experiences के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर भाविक शेठ ने कहा, "रण उत्सव सालों में काफी आगे बढ़ा है और सैलानियों की उम्मीदें भी बदली हैं। यात्री अब आरामदायक ठहरने की जगह, सार्थक सांस्कृतिक जुड़ाव और ऐसे अनुभव चाहते हैं जो आम घूमने-फिरने से आगे जाएं। इस सीज़न हम ठहरने की व्यवस्था और कार्यक्रम, दोनों में निवेश कर रहे हैं और मेहमानों को कच्छ का और हिस्सा देखने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। हमारा बड़ा लक्ष्य यह है कि सैलानी इस इलाके में ज़्यादा वक्त बिताएं और पर्यटन से स्थानीय समुदायों, कारीगरों और कारोबारियों के लिए मौके बनें।"
कंपनी को उम्मीद है कि इस सीज़न में धोरडो, धोलावीरा और कच्छ में उसके दूसरे ठिकानों को मिलाकर करीब 500 ठहरने की यूनिट चालू रहेंगी। सैलानी फिलहाल औसतन करीब दो रात रुकते हैं। इसी को देखते हुए कंपनी ऐसे यात्रा कार्यक्रम बना रही है जिनमें कई जगहें जुड़ी हों और लोग ज़्यादा दिन ठहरें।
यह उत्सव कच्छ के कारीगरों, कलाकारों और स्थानीय समुदायों को मंच देता आ रहा है और इलाके के हस्तशिल्प, खान-पान और सांस्कृतिक परंपराओं को देश-विदेश के बड़े दर्शकों तक पहुंचाता है। 2026-27 के लिए बढ़ाई गई पेशकश इस बड़ी कोशिश का हिस्सा है कि रण उत्सव सिर्फ मौसमी आकर्षण न रहे, बल्कि कच्छ की सांस्कृतिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक विविधता को देखने का दरवाज़ा बने। रण उत्सव की आधिकारिक वेबसाइट: https://www.rannutsav.net/
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