पुणे पुलिस ने विद्यानंद बापट समेत 20 लोगों की पुलिस सुरक्षा वापस ली
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स्पेशल ब्रांच की 23 अक्टूबर की बैठक में सुरक्षा की समीक्षा के बाद फैसला हुआ।
पुणे पुलिस ने शहर के 20 जाने-माने लोगों को दी गई पुलिस सुरक्षा हटा दी है। इनमें विद्यानंद बापट भी शामिल हैं। यह फैसला 23 अक्टूबर को हुई स्पेशल ब्रांच की बैठक में लिया गया। बैठक खास लोगों को मिली सुरक्षा की समीक्षा के लिए थी और यह विभाग की नियमित जांच का हिस्सा थी।
जिन लोगों की सुरक्षा हटी है, उनमें ध्वनि प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा में आए विद्यानंद बापट का नाम है। इसके अलावा सरहद संस्था के संजय नहार, महाराष्ट्र गोसेवा आयोग के अध्यक्ष शेखर मुंडांडा और कोरेगांव भीमा मामले में पक्षकारों की ओर से पैरवी करने वाले वकील आशीष सातपुते भी इस सूची में हैं।
सूची में कारोबार और फिल्म जगत से जुड़े नाम भी हैं। सीरम इंस्टिट्यूट के साइरस पूनावाला, कारोबारी पुनीत बालन, राजनीतिक विश्लेषक तहसीन पूनावाला, फिल्म निर्माता मिहिर कुलकर्णी, अजिंक्य डी.वाय. पाटील, कारोबारी मिशेल योहान पूनावाला और योहान जावेरी पूनावाला की पुलिस सुरक्षा भी बंद कर दी गई है। कुछ बिल्डरों और दूसरे बड़े कारोबारियों को मिली सुरक्षा भी इसी फैसले में खत्म हुई है।
दूसरी तरफ कुछ लोगों की सुरक्षा जारी रहेगी। बारामती इलाके में हुए हमले में कारोबारी राणा सूर्यवंशी गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा और एस्कॉर्ट दिया गया है, जो आगे भी मिलती रहेगी। लक्ष्मण हाके को भी एस्कॉर्ट गाड़ी और एक-प्लस-एक हथियारबंद सुरक्षाकर्मी दिए गए हैं।
किन खास लोगों को पुलिस सुरक्षा चाहिए, यह तय करने का अधिकार पुणे पुलिस कमिश्नर के पास है। स्पेशल ब्रांच के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस कमिश्नर की निगरानी में सुरक्षा पाने वाले लोगों की जरूरत की समीक्षा करते हैं।
यह समीक्षा हर दो महीने में होती है। इसमें देखा जाता है कि मौजूदा इंतजाम जारी रखे जाएं, उनमें बदलाव किया जाए या उन्हें वापस ले लिया जाए। शहर भर में दी गई सुरक्षा की इसी नियमित समीक्षा के बाद अब यह ताजा फैसला सामने आया है।
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