पुणे में टैंकर बुक करने के लिए पीएमसी लाएगी ऐप, रेट रहेंगे तय
पुणे महानगरपालिका अगले दो महीने में मोबाइल ऐप लाने की तैयारी में है, जिससे लोग तय दरों पर पानी का टैंकर बुक कर सकेंगे।
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पुणे महानगरपालिका (पीएमसी) अगले दो महीने के भीतर एक मोबाइल ऐप शुरू करने की योजना बना रही है। इस ऐप से लोग पानी का टैंकर वैसे ही बुक कर सकेंगे, जैसे कैब बुक की जाती है, और रेट साफ-साफ दिखेंगे। पानी कटौती की वजह से टैंकरों की मांग बढ़ रही है, ऐसे में निजी ऑपरेटरों की मनमानी वसूली रोकना इस कदम का मकसद है।
अभी पुराने शहर और नए शामिल हुए गांवों के लोग एक टैंकर के लिए 700 रुपये से 1,200 रुपये तक देते हैं। पीएमसी के पास शिकायतें आई थीं कि कुछ ऑपरेटर जरूरत से कहीं ज्यादा पैसे ले रहे हैं। इसी के बाद निगम ने बुकिंग सिस्टम लाने का फैसला किया, ताकि सेवा पर नियंत्रण रहे और पैसे का लेन-देन ज्यादा खुला हो।
प्रशासन ने ऐप बनाने का काम शुरू कर दिया है। इसका विचार करीब छह महीने पहले आया था, लेकिन जुलाई में शहर के बांध पूरी क्षमता तक भर गए तो इसे रोक दिया गया था। अब पानी को लेकर चिंता फिर लौटी है, इसलिए पीएमसी ने योजना दोबारा उठा ली है।
पीएमसी के जलापूर्ति विभाग के मुख्य इंजीनियर नंदकिशोर जगताप ने बताया कि विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता की वजह से टेंडर की प्रक्रिया में देरी हुई है। आचार संहिता हटते ही यह प्रक्रिया शुरू होगी। तीन साल में इस प्रोजेक्ट पर करीब 35 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
नया ऐप एक मौजूदा सिस्टम पर खड़ा होगा, जो सूस और महालुंगे की 104 हाउसिंग सोसाइटियों में टैंकर सप्लाई के लिए पहले से चल रहा है। इस प्लेटफॉर्म को एक निजी कंपनी ने बनाया है। इसमें टैंकर का रजिस्ट्रेशन नंबर, ड्राइवर की जानकारी और पीएमसी अधिकारियों की जानकारी दर्ज होती है।
इस सिस्टम में हाउसिंग सोसाइटी के चेयरपर्सन ऐप में पानी की अपनी जरूरत डालते हैं। उन्हें टैंकर की उपलब्धता और पहुंचने का अनुमानित समय बताया जाता है। साथ में टैंकर का रजिस्ट्रेशन नंबर, ड्राइवर का संपर्क नंबर और एक वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भी मिलता है। पानी पहुंचने के बाद ओटीपी ड्राइवर को बताया जाता है, तभी लेन-देन पूरा होता है। इससे डिलीवरी पर नजर रखना आसान होता है और जवाबदेही बढ़ती है।
पीएमसी इसी सिस्टम को पूरे शहर में फैलाना चाहती है, ताकि टैंकर की बुकिंग ज्यादा पारदर्शी हो और लोगों से ज्यादा पैसे लिए जाने की गुंजाइश कम रहे।
इस बीच पीएमसी ने पूरे पुणे में 10 फीसदी पानी कटौती लागू की है। हर गुरुवार को सप्लाई कम रहती है। स्टोरेज को लेकर चिंता के बीच पानी बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
शहर को पानी देने वाले खडकवासला बांध सिस्टम में पिछले साल इसी समय के मुकाबले 3.5 हजार मिलियन क्यूबिक फीट (टीएमसी) से भी कम पानी ज्यादा है। बढ़ते तापमान और भाप बनकर उड़ने से उपलब्ध स्टॉक और घट सकता है।
पीएमसी के मुताबिक अगर कटौती का यही पैटर्न चलता रहा तो अगले नौ महीने में कम से कम 2.30 टीएमसी पानी बचाया जा सकता है। निजी टैंकरों की मांग बढ़ने की उम्मीद है, इसलिए निगम का कहना है कि ऐप का मकसद लोगों को बुकिंग का आसान तरीका देना और टैंकर सेवा को ज्यादा पारदर्शी रखना है।
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