पुणे में प्राइवेट बस और कार का सफर 20-25% महंगा होने की तैयारी, ऑपरेटरों ने गिनाए बढ़ते खर्च
पुणे बस एंड कार ओनर्स एसोसिएशन ने किराये में 20 से 25 प्रतिशत की प्रस्तावित बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
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पुणे, 23 अक्टूबर 2026: पुणे में प्राइवेट बस और कार से सफर करना जल्द ही महंगा होने वाला है। पुणे बस एंड कार ओनर्स एसोसिएशन ने किराये में 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखने का ऐलान किया है। एसोसिएशन का कहना है कि गाड़ियों की कीमतें, डीजल का दाम और चलाने का बाकी खर्च लगातार बढ़ रहा है।
प्राइवेट बसों, टूरिस्ट गाड़ियों और स्टाफ ट्रांसपोर्ट के नए किराये जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद लागू होने की उम्मीद है। स्कूल बस का किराया भी अगले शैक्षणिक साल से बढ़ेगा। इसके लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को प्रस्ताव पहले ही भेजा जा चुका है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राजन जुनवणे ने बताया कि पांच साल से किराये में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इस दौरान गाड़ियों की मरम्मत और रखरखाव का खर्च, ड्राइवरों की तनख्वाह, RTO की फिटनेस फीस और ई-चालान के जुर्माने काफी बढ़ गए हैं।
एसोसिएशन के सचिव तुषार जगताप ने कहा, "मिनी बस और टेम्पो ट्रैवलर की कीमत करीब दोगुनी हो गई है। टायर के दाम लगभग 50 प्रतिशत और ऑयल के दाम 70 से 80 प्रतिशत बढ़े हैं। धंधा चलाए रखने के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी हो गई है।"
एसोसिएशन की गाड़ियां शादियों, धार्मिक यात्राओं, पिकनिक, कॉर्पोरेट कर्मचारियों और स्कूली बच्चों के लिए चलती हैं। उसके प्रतिनिधियों का यह भी आरोप है कि सरकारी परिवहन सेवाओं को जो सुविधाएं और राहत मिलती हैं, वे प्राइवेट ऑपरेटरों को नहीं दी जा रहीं।
एसोसिएशन के सदस्य किरण देसाई ने कहा कि ऑपरेटर बढ़ते खर्च से जूझ रहे हैं और सरकार की तरफ से उन्हें पूरी मदद नहीं मिल रही। एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि ऑटोरिक्शा की तरह प्राइवेट गाड़ियों के लिए भी सरकारी किराया चार्ट बनाया जाए।
यह प्रस्तावित बढ़ोतरी ऐसे वक्त आई है जब ऑपरेटरों में बढ़ते टैक्स, रखरखाव के खर्च और सख्त सुरक्षा नियमों को लेकर चिंता गहरी हो रही है। उनका कहना है कि इन सब वजहों से उनके कारोबार को चलाना मुश्किल होता जा रहा है।
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