सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 321 | Very Poor 09:27 IST

पुणे में OTP वाला टैंकर सिस्टम छह महीने बाद भी लागू नहीं, आचार संहिता के बाद टेंडर

पुणे महानगरपालिका का OTP आधारित वॉटर टैंकर सिस्टम घोषणा के छह महीने बाद भी शुरू नहीं हुआ है। टेंडर की प्रक्रिया आदर्श आचार संहिता खत्म होने के बाद शुरू होगी।

पुणे, 22 अक्टूबर 2026: पुणे महानगरपालिका (PMC) ने फर्जी टैंकर फेरे, पानी की चोरी और लोगों से ज्यादा पैसे वसूले जाने की आशंका रोकने के लिए OTP आधारित टैंकर मैनेजमेंट सिस्टम का ऐलान किया था। इस ऐलान को छह महीने हो गए, लेकिन सिस्टम अब तक लागू नहीं हुआ है।

प्रशासन ने अब कहा है कि इस सिस्टम का टेंडर आदर्श आचार संहिता खत्म होने के बाद निकाला जाएगा। देरी की वजह से जो लोग प्राइवेट पानी टैंकरों पर निर्भर हैं, वे अब भी ऐसे इंतजाम का इंतजार कर रहे हैं जो साफ-सुथरा हो और जिसमें जवाबदेही तय हो। आने वाले दिनों में पानी की किल्लत की आशंका ने यह चिंता और बढ़ा दी है।

यह सिस्टम इसलिए लाया जा रहा था कि टैंकर से होने वाली पानी की सप्लाई में पारदर्शिता आए। मकसद यह भी था कि ऑपरेटर पानी पहुंचाए बिना ही फेरा दर्ज न कर सकें और गड़बड़ियों पर लगाम लगे। लेकिन सजग नागरिक मंच का दावा है कि सूस और महालुंगे इलाकों को छोड़कर शहर के ज्यादातर हिस्सों में यह अभी लागू ही नहीं हुआ है।

कार्यकर्ता विवेक वेलणकर ने इस देरी पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सिस्टम की घोषणा को छह महीने बीत चुके हैं और अब तक पूरे शहर में इसे शुरू नहीं किया गया।

प्रस्तावित व्यवस्था में लोग मोबाइल ऐप से टैंकर बुक कर सकेंगे। हर टैंकर की आवाजाही फिलिंग स्टेशन से लेकर पहुंचने की जगह तक ट्रैक की जाएगी। पानी पहुंचने के बाद लोगों के मोबाइल पर एक वन-टाइम पासवर्ड यानी OTP आएगा, जिससे डिलीवरी की पुष्टि होगी।

उम्मीद है कि बुकिंग, टैंकर की आवाजाही और डिलीवरी को डिजिटल तरीके से ट्रैक करने से फर्जी फेरों की एंट्री रुकेगी और टैंकर के पानी की चोरी या उसे दूसरी जगह मोड़ने पर भी लगाम लगेगी।

आने वाले महीनों में अगर पानी कटौती होती है तो टैंकरों की मांग बढ़ सकती है। ऐसे में निगरानी का कोई सिस्टम न होने से यह डर है कि लोगों को पानी के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं। वेलणकर ने मांग की है कि बिना और देर किए इस सिस्टम को पूरे शहर में लागू किया जाए।

PMC के जल आपूर्ति विभाग के प्रमुख नंदकिशोर जगताप ने माना कि सिस्टम अभी शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता खत्म होने के बाद निगम टेंडर की प्रक्रिया शुरू करेगा और जल्द से जल्द इसे लागू करने की कोशिश करेगा।

जगताप के मुताबिक यह सिस्टम ओला और उबर जैसे राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म की तर्ज पर चलेगा। इसमें लोग डिजिटल तरीके से टैंकर बुक कर पाएंगे और पानी पहुंचने तक उसकी लोकेशन देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि OTP से डिलीवरी की पुष्टि होने पर पानी की चोरी और फर्जी रिकॉर्ड पर रोक लगेगी।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे