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महाराष्ट्र में दवा विक्रेताओं पर FDA की सख्ती, दो हफ्तों में 29 लाइसेंस रद्द, 71 निलंबित

महाराष्ट्र में दवा विक्रेताओं पर FDA की सख्ती, दो हफ्तों में 29 लाइसेंस रद्द, 71 निलंबित तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र में दवा बेचने, दवा बनाने और सौंदर्य प्रसाधन तैयार करने में नियम तोड़ने वालों पर अन्न व औषध प्रशासन (FDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। 5 से 17 अक्टूबर 2026 के बीच, यानी दो हफ्तों में, राज्य के सातों विभागों में कुल 937 जांचें की गईं।

इन जांचों में जो कमियां मिलीं, उन पर संबंधित लोगों को 450 नोटिस थमाए गए। इसके अलावा 29 लाइसेंस रद्द कर दिए गए और 71 लाइसेंस निलंबित किए गए। बिना लाइसेंस दवा बेचने और सौंदर्य प्रसाधन बनाने के खिलाफ पांच कार्रवाइयां हुईं, जिनमें कुल 28 लाख 52 हजार 304 रुपये का माल जब्त किया गया।

उत्पादकों और ब्लड सेंटरों की कुल 105 जांचें हुईं। इनमें दवाओं, सौंदर्य प्रसाधनों और मेडिकल उपकरणों के उत्पादक, ब्लड सेंटर, रक्त भंडारण केंद्र और दवा जांच प्रयोगशालाएं शामिल हैं। इन जांचों में 68 नोटिस दिए गए। गंभीर कमियां पाए जाने पर 7 लाइसेंस रद्द और 22 लाइसेंस निलंबित किए गए।

इन 105 जांचों का ब्योरा यह है: एलोपैथी दवा उत्पादकों की 36, आयुर्वेदिक दवा उत्पादकों की 4, सौंदर्य प्रसाधन उत्पादकों की 8, होम्योपैथी दवा उत्पादकों की 4 और मेडिकल उपकरण उत्पादकों की 7 जांचें हुईं। इसके अलावा दवा जांच प्रयोगशालाओं की 2, ब्लड सेंटरों की 22 और रक्त भंडारण केंद्रों की 22 जांचें की गईं।

राज्य में दवा बिक्री का लाइसेंस रखने वालों की 832 जांचें हुईं। इनमें नियमित जांचें, खास मुहिम के तहत की गई जांचें और लोगों की शिकायतों पर हुई जांचें शामिल हैं। नियम तोड़ने वाले विक्रेताओं को 382 नोटिस दिए गए। इस मामले में 22 दवा बिक्री लाइसेंस रद्द और 49 लाइसेंस निलंबित हुए।

FDA की मुंबई, छत्रपति संभाजीनगर और नागपुर की दवा प्रयोगशालाओं में दो हफ्तों में कुल 279 दवा नमूनों की जांच पूरी हुई। इनमें से 258 नमूने तय मानक के निकले, जबकि 21 नमूने अप्रमाणित पाए गए।

अप्रमाणित नमूनों में 18 घटिया क्वालिटी (NSQ) के, दो गलत लेबल या ब्रांडिंग वाले (Misbranded) और एक नकली (Spurious) निकला। इन दवाओं पर कानून के हिसाब से आगे की कार्रवाई चल रही है। पांच मामलों में दवाओं को बाजार से वापस मंगाने (Recall) की प्रक्रिया चलाई गई।

जालना में नवजीवन मेडिकल अँड जनरल स्टोअर्स ने लाइसेंस जमा करने के बाद भी बिना लाइसेंस वाली जगह में दवाओं का स्टॉक रखकर धंधा जारी रखा। यहां 58 हजार 772 रुपये का एलोपैथी दवाओं का स्टॉक जब्त हुआ।

नागपुर में फिनिक्स मेडिकॉर्प पर भी लाइसेंस जमा करने के बाद बिना लाइसेंस की जगह में दवाओं का स्टॉक रखने की बात सामने आई। इस कार्रवाई में 22 लाख 3 हजार 744 रुपये का दवा स्टॉक जब्त किया गया।

बारामती में वेदास हर्बल्स महिला गृह उद्योग में बिना लाइसेंस सौंदर्य प्रसाधन, यानी साबुन, बनाया जा रहा था। यहां 4 लाख 5 हजार 678 रुपये का स्टॉक जब्त हुआ। वसई पूर्व में जी. बी. कॉस्मेटिक्स में बिना लाइसेंस नेलपॉलिश का उत्पादन, पैकिंग और बिक्री चल रही थी। कच्चा माल, पैकिंग का सामान और मशीनरी मिलाकर 1 लाख 83 हजार 918 रुपये का माल जब्त किया गया।

छत्रपति संभाजीनगर में नायराझेपाम (Nitrosun 10) नाम की नशीली दवा की 34 गोलियों की गैरकानूनी खरीद-बिक्री के मामले में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ। NDPS कानून 1985 और औषधि व सौंदर्य प्रसाधन कानून के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया गया। इस मामले में 192 रुपये का माल जब्त हुआ।

अन्न व औषध प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि दवाएं सिर्फ लाइसेंस वाले दवा विक्रेताओं से बिल के साथ खरीदें। घटिया या नकली दवा, बिना लाइसेंस दवा या सौंदर्य प्रसाधन का उत्पादन और बिक्री, या डॉक्टर की पर्ची के बिना नशीली दवाओं की बिक्री दिखे, तो तुरंत शिकायत करें। इसके लिए FDA के आधिकारिक शिकायत पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है, या नजदीकी अन्न व औषध प्रशासन दफ्तर से संपर्क किया जा सकता है।

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