मध्य प्रदेश से देसी पिस्तौल लाकर संभाजीनगर में बेचने वाला छह लोगों का गिरोह पकड़ा गया
सिडको पुलिस ने एक ही रात छापे मारकर छह आरोपियों को पकड़ा, चार पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस जब्त।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
छत्रपती संभाजीनगर में सिडको पुलिस ने देसी पिस्तौल बेचने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह मध्य प्रदेश से देसी पिस्तौल लाता था और शहर में 38 से 50 हजार रुपये में बेचता था। पुलिस ने एक ही रात छापे मारकर छह लोगों को पकड़ लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों से चार पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं। जब्त माल की कीमत दो लाख 22 हजार रुपये बताई गई है। गिरोह ने इससे पहले कितनी पिस्तौलें बेचीं, इसकी जांच अभी चल रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम शिवा अंबादास सुरे (25, सुरेवाडी), सुमीत सुनील विसपुते (सुरेवाडी), सत्यम भास्कर चाटे (23, मयूरपार्क), अर्जुन किशोर लिंगायत (नवजीवन कॉलनी), श्रीकांत सतीश शिखरे (24, मयूरपार्क) और विशाल राजू भोसले (24, एसटी कॉलनी) हैं। कोर्ट ने इन सबको चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। यह जानकारी पुलिस उपायुक्त रत्नाकर नवले ने दी।
मामला तब खुला जब पुलिस को खबर मिली कि सुरेवाडी में एक नौजवान पिस्तौल और दो कारतूस लेकर घूम रहा है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अतुल येरमे और उपनिरीक्षक अनिल नाणेकर की टीम ने जाल बिछाकर शिवा सुरे को पकड़ लिया। उसने बताया कि पिस्तौल उसने अपने दोस्त सुमीत विसपुते के घर रखी है। पुलिस ने वहां से पिस्तौल और दो कारतूस जब्त कर लिए।
पूछताछ में सामने आया कि यह पिस्तौल सत्यम चाटे और अर्जुन लिंगायत से खरीदी गई थी। सत्यम के पास से एक और पिस्तौल मिली। अर्जुन ने जाधववाडी के मोंढा इलाके में एक पेड़ के नीचे दो पिस्तौलें छिपा रखी थीं, उन्हें भी पुलिस ने बरामद कर लिया।
सत्यम और अर्जुन से पूछताछ में पता चला कि कारतूस श्रीकांत शिखरे और विशाल भोसले के पास रखे गए थे। इन दोनों से नौ जिंदा कारतूस और मिले। इस तरह कुल चार पिस्तौल और 11 कारतूस पुलिस के हाथ लगे।
गिरोह का तरीका यह था कि गिरफ्तारी से बचने के लिए पिस्तौल और कारतूस अलग-अलग जगह छिपाकर रखे जाते थे। हथियार और कारतूस छिपाने वालों को पैसे दिए जाते थे। सत्यम और अर्जुन ने कुछ दिन पहले शिवा सुरे को एक पिस्तौल और दो कारतूस बेचे थे।
आरोपियों की पढ़ाई-लिखाई भी सामने आई है। शिवा सुरे, अर्जुन लिंगायत और श्रीकांत शिखरे ने बीसीएस किया है। सुमीत विसपुते ने बीएससी इन्फॉर्मेटिक्स और सत्यम चाटे ने बीकॉम की पढ़ाई की है। शिवा ठेकेदार है, बाकी आरोपी प्राइवेट नौकरी करते हैं। श्रीकांत के खिलाफ सिडको, जिन्सी और मुंबई के विक्रोली पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हैं। शिवा और विशाल पर सिडको पुलिस स्टेशन में एक-एक केस दर्ज है।
उपायुक्त नवले ने आदेश दिया है कि शहर में अब तक कितनी पिस्तौलें बेची गईं, इसका पता लगाया जाए। कार्रवाई करने वाली टीम को एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। टीम में सिडको पुलिस स्टेशन के निरीक्षक अतुल येरमे के साथ अपराध प्रकटीकरण दस्ते के उपनिरीक्षक अनिल नाणेकर, हवलदार मंगेश पवार, सहदेव साबले, अमोल अंभोरे, नरेश भोंडे और अतुल सोलुंके शामिल थे।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।