जरांगे की ऑडिओ क्लिप पर बच्चू कडू बोले, बदनामी बीजेपी की हुई, जांच हो
मराठा आंदोलक मनोज जरांगे की ऑडिओ क्लिप पर शिवसेना नेता और विधायक बच्चू कडू ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि क्लिप से एकनाथ शिंदे और बीजेपी दोनों बदनाम हो रहे हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठा आंदोलक मनोज जरांगे ने दो दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऑडिओ क्लिप सुनाई थी। इसके बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मची हुई है। इस मुद्दे पर शिवसेना और बीजेपी के नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है। अब शिवसेना नेता और विधायक बच्चू कडू ने भी इस पर अपनी बात रखी है।
कडू ने कहा कि उस क्लिप में अगर किसी की बदनामी हुई है तो वह बीजेपी की हुई है। उनके मुताबिक बीजेपी निचले दर्जे की राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि क्लिप में 500 करोड़ का मामला था और उसमें जो महिला है, वह बड़प्पन का दिखावा करने की कोशिश कर रही है। कडू का कहना था कि ऐसा कुछ हो रहा हो तो उस पर बंदिशें लगनी चाहिए। इस क्लिप से बड़प्पन का दिखावा करने की कोशिश नजर आती है।
कडू ने पूछा कि इससे आखिर हुआ क्या। उनके मुताबिक एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की कोशिश हुई है और इसमें बीजेपी भी बदनाम हुई है। उन्होंने कहा कि बीजेपी चुनाव के लिए कैसे हथकंडे अपनाती है, वह इससे सामने आ गया। कडू ने मांग की कि इस मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। इन सब बातों के पीछे का मकसद सामने आ गया है। यह क्लिप अब क्यों आई और क्या किसी बड़े नेता ने इसे दिलवाई, इसकी जांच होनी चाहिए।
कडू ने कहा कि अगर कोई बहुत गलत प्लानिंग कर रहा है तो यह गलत है और वे इसका विरोध करते हैं। उनका कहना था कि महायुति के नेताओं को साथ बैठकर दूध का दूध, पानी का पानी करना चाहिए। शिंदे और बीजेपी, दोनों बदनाम हो रहे हैं। कडू ने यह भी कहा कि झारी में छुपे शुक्राचार्य को ढूंढना चाहिए।
कडू ने बताया कि एक दफ्तर से एक क्लर्क ने वह क्लिप किसी बड़े आदमी को दी है। उन्होंने कहा कि बीजेपी अंदरूनी राजनीति कर रही है। सवाल यह है कि क्या इसमें बीजेपी के बड़े नेता शामिल हैं। कडू के मुताबिक उन्हें लगता है कि वे शामिल नहीं होंगे, लेकिन ऐसी राजनीति नहीं होनी चाहिए। बड़े नेताओं को ऐसे काम करने वाले लोगों को समझाना चाहिए। कडू ने कहा कि फिलहाल हालत ऐसी है कि दो बड़ी पार्टियों में फूट पड़ने का खतरा दिख रहा है। इसकी जांच होनी चाहिए। दोनों पार्टियों को बदनाम किया जा रहा है, ऐसी बातें रोकी जानी चाहिए और इन पर काबू पाना चाहिए।
कडू ने कहा कि 500 करोड़ का मामला छोटा नहीं है। जिस दौर का वीडियो बताया जा रहा है, उसकी तस्वीर साफ नहीं होती। बड़प्पन दिखाकर कुछ बातों को रंग दिया जाता है। कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्हें सब पता है। ऑडिओ क्लिप बाहर लाकर एकनाथ शिंदे को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। बीजेपी को बदनाम करने की भी कोशिश है, लेकिन इससे बीजेपी के हथकंडे सामने आ रहे हैं। इसका फायदा किसे है, यह भी देखा जाना चाहिए। मीडिया से बात करते हुए कडू ने कहा कि महायुति के नेताओं को आरोप-प्रत्यारोप बंद करने चाहिए।
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