गोकुल चुनाव में महायुति को झटका, हसन मुश्रीफ के बेटे नाविद हारे; मुश्रीफ बोले, फिर काम में लगें
गोकुल दूध संघ के चुनाव में सतेज पाटील की अगुवाई वाले समान विचारधारा के गठबंधन ने 13 सीटें जीतीं, महायुति को 12 सीटें मिलीं।
गोकुल दूध संघ के चुनाव में महायुति को बड़ा झटका लगा है। सतेज पाटील की अगुवाई वाले समान विचारधारा वाले गठबंधन ने इस चुनाव में शानदार जीत हासिल की है। राज्य के मंत्री हसन मुश्रीफ के बेटे और गोकुल के मौजूदा चेयरमैन नाविद मुश्रीफ को करारी हार का सामना करना पड़ा। खास बात यह है कि इस चुनाव की कमान हसन मुश्रीफ के हाथ में थी, इसलिए इसे खुद मुश्रीफ के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। नतीजों के बाद हसन मुश्रीफ ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है।
संताजी घोरपडे चीनी कारखाने के पेराई सत्र के शुभारंभ पर हसन मुश्रीफ ने किसानों से बातचीत की। इसी मौके पर उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी और कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश की। मुश्रीफ ने कहा कि गोकुल दूध संघ के चुनाव में हमारी हार हुई है। हार से टूटना नहीं है, निराश नहीं होना है। कल से हम फिर एक बार काम में लग जाएं।
मुश्रीफ ने बताया कि कल शाम 5 बजे हार पर आत्मचिंतन बैठक होगी। उन्होंने कहा कि सबको इस बैठक में आकर आत्मचिंतन करना है और आगे की रणनीति तय करनी है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्नातक चुनाव के लिए हमने बड़े पैमाने पर पंजीकरण किया है। जिन-जिन का पंजीकरण हुआ है, उन्हें महायुति के उम्मीदवारों को चुनकर लाना है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस कल कोल्हापुर में थे। मुश्रीफ के मुताबिक उस वक्त उन्हें वादा किया गया था कि महायुति का उम्मीदवार जिताएंगे, और यह वादा निभाना है।
हार के बारे में मुश्रीफ ने कहा कि हम यह हार मान रहे हैं। उनके मुताबिक इस चुनाव में आखिर तक महायुति के अंदर झगड़े चलते रहे और उन झगड़ों के बाद ही उनका गठबंधन बना। इसलिए शायद यह गठबंधन मतदाताओं को पसंद नहीं आया होगा। साथ ही मुश्रीफ ने साफ किया कि कोल्हापुर जिले के दूध उत्पादक किसानों के हर तरह के भले की सोच से गोकुल दूध संघ की तरक्की के लिए जो भी सहयोग लगेगा, वे करेंगे।
चुनाव में असली मुकाबला सतेज पाटील और हसन मुश्रीफ के बीच ही था। सतेज पाटील की अगुवाई में समान विचारधारा वाला गठबंधन लड़ रहा था और मुश्रीफ की अगुवाई में महायुति। इस चुनाव में 99 प्रतिशत मतदान हुआ था। 25 सीटों के लिए मतगणना शुरू हुई तो सबके दिल की धड़कनें तेज़ थीं, लेकिन नतीजे ने सबको चौंका दिया। समान विचारधारा वाले गठबंधन के 13 उम्मीदवार जीते, जबकि महायुति के 12 उम्मीदवार जीते। हारने वालों में पूर्व अध्यक्ष अरुण डोंगले, विश्वास नारायण पाटील और गोकुल के मौजूदा चेयरमैन नाविद मुश्रीफ शामिल हैं।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।