बारहवीं के बाद सीधे IIM में MBA का रास्ता, CAT के बिना IPM कोर्स से मिलेगा दाखिला
बारहवीं के बाद IPM कोर्स के जरिए बिना CAT दिए IIM में दाखिला मिल सकता है। यह पांच साल का डुअल डिग्री प्रोग्राम है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बारहवीं की बोर्ड परीक्षा पास आते ही लगभग हर स्टूडेंट के मन में करियर को लेकर उलझन शुरू हो जाती है। अगर आपको देश के टॉप बिजनेस स्कूल यानी IIM से MBA करना है, तो अब ग्रेजुएशन खत्म होने का इंतजार करने या CAT जैसी मुश्किल परीक्षा की तैयारी में सालों लगाने की जरूरत नहीं है। चाहें तो बारहवीं की पढ़ाई करते-करते ही आप IIM में MBA की अपनी सीट पक्की कर सकते हैं।
IIM का नाम सुनते ही ज्यादातर लोगों को ग्रेजुएशन के बाद दी जाने वाली CAT परीक्षा याद आती है। लेकिन सच यह है कि IIMs ने बारहवीं पास स्टूडेंट्स के लिए एक खास रास्ता खोला है। इससे CAT दिए बिना भी IIM का कैंपस और वही वर्ल्ड-क्लास एक्सपोजर मिल सकता है। बोर्ड परीक्षा शुरू होने से पहले अगर आप इस कोर्स और उसकी प्रवेश परीक्षा की पृष्ठभूमि समझ लें, तो करियर की आधी चिंता आसानी से खत्म हो जाएगी।
बारहवीं के बाद IIM में दाखिला कैसे मिलेगा, इसका जवाब है IPM यानी इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट। यह पांच साल का ड्युअल डिग्री प्रोग्राम है, जिसमें BBA और MBA दोनों की पढ़ाई साथ-साथ होती है। यह कोर्स IIM इंदौर, रोहतक, रांची, बोधगया और जम्मू जैसे कई बड़े MBA कॉलेजों में ऑफर किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि बारहवीं के बाद ही IIM में पढ़ने का सपना पूरा हो जाता है।
IPM कोर्स में दाखिले के लिए CAT देना जरूरी नहीं है। इसके लिए IPMAT (Integrated Programme in Management Aptitude Test) या JIPMAT नाम की प्रवेश परीक्षा होती है। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) या संबंधित IIM की तरफ से कराई जाती है। इसमें मुख्य रूप से क्वांटिटेटिव एप्टिट्यूड (मैथ्स), वर्बल एबिलिटी (अंग्रेजी) और लॉजिकल रीजनिंग से सवाल पूछे जाते हैं। बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ इसकी बुनियादी तैयारी आराम से की जा सकती है।
IPM कोर्स के लिए आर्ट्स, साइंस या कॉमर्स, किसी भी स्ट्रीम से बारहवीं पास या बोर्ड परीक्षा देने वाले स्टूडेंट्स अप्लाई कर सकते हैं। आमतौर पर बारहवीं में 60 फीसदी मार्क्स चाहिए होते हैं, जबकि रिजर्व कैटेगरी के लिए यह सीमा 55 फीसदी है।
अगर आप पांच साल एक ही जगह पढ़ना नहीं चाहते, तो IIM तीन साल बाद एक्जिट ऑप्शन यानी बाहर निकलने का विकल्प भी देता है। मतलब तीन साल पूरे होने पर आपको BBA या BBA (एनालिटिक्स) की डिग्री मिल जाएगी, और चाहें तो आप आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर निकल सकते हैं।
बोर्ड के साथ IIM की प्रवेश परीक्षा की तैयारी आसानी से हो सकती है। इसके लिए कुछ टिप्स हैं। बोर्ड की पढ़ाई के साथ रोज सिर्फ एक घंटा एप्टिट्यूड और बेसिक इंग्लिश रीजनिंग को दें। IPMAT का पैटर्न बोर्ड से अलग होता है, इसलिए हफ्ते में एक बार ऑनलाइन मॉक टेस्ट जरूर दें। लिखित परीक्षा के बाद पर्सनल इंटरव्यू (PI) भी होता है, इसलिए देश-दुनिया की अहम घटनाओं से अपडेट रहें।
IIM में दाखिले के लिए बोर्ड परीक्षा खत्म होने तक रुकने की जरूरत नहीं है। बोर्ड की तैयारी के साथ इसकी भी तैयारी की जा सकती है। इसके लिए IPMAT का फॉर्म भरें और पढ़ाई की अच्छी स्ट्रैटेजी बनाएं। उस पर अमल करने से आप लाखों कैंडिडेट्स से आगे निकल सकते हैं। CAT का तनाव लिए बिना देश के टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट तक पहुंचने का यह सबसे तेज और सही रास्ता है।
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