सुप्रिया सुले की मांग: सूखे से जूझते किसानों को हर हेक्टेयर पर 1 लाख रुपये की मदद मिले
एनसीपी (एसपी) नेता सुप्रिया सुले ने सूखा प्रभावित किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद मांगी है।
एनसीपी (एसपी) की नेता सुप्रिया सुले ने गुरुवार को मांग की कि महाराष्ट्र के सूखे से प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। उन्होंने राज्य सरकार से यह भी कहा कि कल्याणकारी योजनाओं के तहत जो मदद अटकी पड़ी है, उसे जारी किया जाए।
सुले ने बताया कि पार्टी प्रमुख शरद पवार ने सूखा प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार को चिट्ठी लिखी है। उनका कहना था, "हमारा इरादा खोखली राजनीति करने का नहीं है। हमने सहयोग का रवैया रखा है, क्योंकि यह ऐसा वक्त है जब इंसानियत मायने रखती है।"
बारामती की सांसद ने कहा कि सूखे और बढ़ती महंगाई की वजह से किसान बहुत मुश्किल में हैं। इसी वजह से उन्होंने प्रति हेक्टेयर 1 लाख रुपये की मदद मांगी। साथ ही उन्होंने बैंकों से कहा कि किसानों को परेशान न किया जाए और रोजगार गारंटी के काम शुरू किए जाएं।
नमो किसान योजना और महाराष्ट्र सरकार की किसान मदद योजनाओं का जिक्र करते हुए सुले ने कहा कि किसानों को हर साल केंद्र और राज्य, दोनों की तरफ से मदद मिलनी चाहिए। उनका आरोप है कि राज्य के हिस्से की रकम का एक भाग अब तक नहीं चुकाया गया है।
राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के 358 तालुकों में से 305 में सूखा घोषित किया है। पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया था कि दिवाली से पहले शुरुआती राहत के तौर पर 5,000 रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा किए जाएंगे।
विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनावों में कथित गड़बड़ियों और पुणे डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में हुई कथित बैठक के बारे में पूछे जाने पर सुले ने कहा कि वे पहले उपलब्ध सामग्री देखेंगी, उसके बाद ही कुछ कहेंगी। एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष ने कहा, "मैं किसी पर आरोप-प्रत्यारोप में नहीं पड़ना चाहती। मेरी बात इतनी है कि एक व्यवस्था है और देश उसी व्यवस्था के हिसाब से चलना चाहिए।"
मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने बीजेपी और शिवसेना पर एक ऑडियो क्लिप को लेकर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए जाने की बात हुई थी। इस बारे में सवाल पर सुले ने कहा कि उन्होंने खुद वह वीडियो नहीं देखा और न ही उसका संदर्भ समझा है। उन्होंने कहा, "जब भी कोई आरोप लगता है तो उसका जवाब देना ठीक है। लेकिन मैंने खुद वह वीडियो नहीं देखा और न यह समझा कि वह किस संदर्भ में बना। हमें जिम्मेदारी से बोलना चाहिए।"
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान की तस्वीरों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने पर सुले ने कहा कि उन्हें एक फोटोग्राफर के तौर पर अपनी पहचान मिलनी चाहिए, सिर्फ एक राजनेता के बेटे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने पूछा, "आप उन्हें सिर्फ प्रियंका गांधी का बेटा क्यों देखते हैं? एक प्रतिभाशाली भारतीय फोटोग्राफर क्यों नहीं देखते?"
इस घटना की निंदा करते हुए सुले ने कहा, "अगर राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो हमसे लड़िए। लेकिन माता-पिता की वजह से हमारे बच्चों को निशाना बनाना गलत है।"
अगले कुछ महीनों में सरकार में संभावित "सत्ता परिवर्तन" की अटकलों पर सुले ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी राय रखने का हक है।
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