सतीश वाघोले को MPSC अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार, विवेक भीमनवार छुट्टी पर गए
महाराष्ट्र सरकार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग के सदस्य सतीश बाबन वाघोले को अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के सदस्य सतीश बाबन वाघोले को आयोग के अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। मौजूदा अध्यक्ष विवेक भीमनवार छुट्टी पर हैं और जब तक वे छुट्टी पर रहेंगे, यह जिम्मेदारी वाघोले के पास रहेगी। सिविल सेवा की तैयारी करने वाले उम्मीदवार पेपर लीक और गड़बड़ियों के कथित आरोपों को लेकर भीमनवार की आलोचना करते रहे हैं।
राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने 16 अक्टूबर को इस बारे में अधिसूचना जारी की। उसके मुताबिक वाघोले का अतिरिक्त कार्यभार उसी तारीख से लागू हो गया।
वाघोले की नियुक्ति ऐसे वक्त हुई है जब राज्य की भर्ती संस्था के कामकाज को लेकर MPSC के उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। भीमनवार ने ऐलान किया था कि कथित गड़बड़ियों की जांच पूरी होने तक वे छुट्टी पर रहेंगे, और इसके बाद वे छुट्टी पर चले गए। आरोपों के चलते भर्ती परीक्षाओं में ज्यादा पारदर्शिता और आयोग के भीतर जवाबदेही की मांग उठी है।
इस महीने की शुरुआत में MPSC के उम्मीदवारों ने पुणे में 10 दिन तक आंदोलन किया। वे कथित परीक्षा गड़बड़ियों पर कार्रवाई चाहते थे और मांग कर रहे थे कि भीमनवार को अध्यक्ष पद से हटाया जाए। आंदोलनकारियों ने परीक्षा की प्रक्रिया पर सवाल उठाए और कहा कि आयोग की भर्तियों में निष्पक्षता पक्की करने के इंतजाम होने चाहिए। उनकी मांगों में आंदोलन के कुछ प्रतिनिधियों पर दर्ज मामले वापस लेना और राज्य सरकार के विभागों में भर्ती के मौके बढ़ाना भी शामिल था।
आंदोलन के बाद महाराष्ट्र सरकार ने पेपर लीक समेत कथित गड़बड़ियों की जांच के लिए एक समिति बनाई। इस समिति की अगुवाई वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे कर रहे हैं, जो इसके सचिव हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच में राज्य की भर्ती संस्था के मौजूदा और पिछले अध्यक्षों और सदस्यों के कार्यकाल भी देखे जाएंगे। उम्मीद है कि जांच में उम्मीदवारों के लगाए आरोपों के साथ संबंधित अवधियों में आयोग के कामकाज को भी परखा जाएगा।
आंदोलनकारी उम्मीदवारों ने भीमनवार को हटाने के अलावा तीन साल में 70,000 पदों पर भर्ती की मांग की है। उन्होंने जनवरी में होने वाली ग्रुप C परीक्षा के लिए पदों की संख्या बढ़ाने को भी कहा है। साथ ही उनकी मांग है कि MPSC के अध्यक्ष और सचिव के पद पर नियुक्त होने वाले लोगों की पद संभालने से पहले पृष्ठभूमि की जांच हो।
सरकार की ओर से कराई जा रही यह जांच ऐसे वक्त हो रही है जब MPSC से अपेक्षा है कि वह गड़बड़ियों के आरोपों पर जवाब दे और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों का भरोसा लौटाए। भीमनवार ने कहा है कि जांच पूरी होने तक वे छुट्टी पर रहेंगे। सरकार की अधिसूचना के मुताबिक इस दौरान अध्यक्ष का अतिरिक्त कार्यभार वाघोले संभालेंगे।
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