रोहित पवार का ज्ञानेश कुमार पर हमला, SIR पर उठाए सवाल और लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
NCP विधायक रोहित पवार ने स्लाइड शो के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए।
MPSC छात्र आंदोलन और किसान आंदोलन के बाद अब राष्ट्रवादी के विधायक रोहित पवार ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज उन्होंने मीडिया से बात की। "SIR - चुनाव आयोग के कारनामे" नाम के स्लाइड शो के जरिए उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक के बाद एक कई आरोप लगाए।
पवार का सवाल था कि SIR का फैसला आखिर किसका है। उनके मुताबिक इस बारे में RTI के तहत जानकारी मांगी गई थी। पूछा गया था कि देशभर में इतनी बड़ी SIR मुहिम चलाने का फैसला किसने, कब और किस अध्ययन के आधार पर लिया। रोहित पवार का दावा है कि इस पर चुनाव आयोग ने चौंकाने वाला जवाब दिया। जवाब यह था कि SIR प्रक्रिया शुरू करने का फैसला चुनाव आयोग ने लिया ही नहीं है, और इसकी मंजूरी का कोई रिकॉर्ड भी मौजूद नहीं है।
पवार ने यह भी कहा कि कैबिनेट सचिव ने भी बताया है कि सरकार ने ऐसा कोई फैसला नहीं लिया। इसी के आधार पर उन्होंने चुनाव आयोग के जवाब पर ही सवाल खड़े कर दिए।
स्लाइड शो में रोहित पवार ने आंकड़े भी रखे। उनके मुताबिक देश में हमेशा के लिए दूसरी जगह जा चुके लोग 6.30 करोड़ हैं, जबकि राज्य में 76.76 लाख। गैरहाजिर या बिना पते वाले लोग देश में 3.01 करोड़ हैं और राज्य में 75.41 लाख। मृत लोगों की संख्या देश में 2.80 करोड़ और राज्य में 34.82 लाख बताई गई। दोहरे नाम वाले मतदाता देश में 1.02 करोड़ हैं, जबकि राज्य में यह आंकड़ा 17.66 लाख है।
इसके बाद रोहित पवार ने आरोप लगाया कि मतदाता पुनरीक्षण प्रक्रिया, यानी SIR, चलाते वक्त किसी ठोस सबूत के बिना मनमाने तरीके से देश में 13 करोड़ मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया। उनके इन आरोपों से अब हलचल मच गई है।
उन्होंने कुछ उदाहरण भी दिखाए। इनमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद नीतीश कुमार की फोटो वाला चुनाव पहचान पत्र दिखाया गया, लेकिन उस पहचान पत्र पर नाम अभिलाषा कुमारी लिखा है। ऐसे और भी कई उदाहरण देकर पवार ने पूरी SIR प्रक्रिया पर बड़े सवाल उठाए। चुनाव आयोग के कामकाज और उसके काम करने के तरीके पर भी उन्होंने सवाल खड़ा किया।
इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित पवार ने ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला किया। उनका आरोप है कि ज्ञानेश कुमार करप्ट व्यक्ति हैं और उनका इतिहास भ्रष्टाचार का रहा है। पवार के मुताबिक 2006 में ज्ञानेश कुमार केरल कैडर के IAS अधिकारी थे और केरल सरकार के सार्वजनिक निर्माण विभाग में सचिव के पद पर काम कर रहे थे। उसी दौरान एक मलेशियाई प्रोजेक्ट अधिकारी ली बीन सीन ने आत्महत्या की थी।
इसी घटना का जिक्र करते हुए रोहित पवार ने ज्ञानेश कुमार पर ये गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोपों की झड़ी लगा दी और पूरे मामले की जांच की मांग की। साथ ही कार्रवाई की भी मांग की है।
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