मुंबई डायरी: सितार की शाम से हैलोवीन के मर्डर सपर तक
मुंबई डायरी में आज संगीत, विज्ञान, खाने-पीने, डांस और पर्यावरण से जुड़े आयोजनों की झलक।
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मुंबई डायरी के इस शनिवार के पन्ने में शहर और उसके बाहर होने वाले कई आयोजनों की खबरें हैं। इनमें सितार की एक शाम है, नोबेल पुरस्कार से जुड़ी बातचीत है, हैलोवीन पर एक अनोखा डिनर है, नॉर्वे के डांस क्रू का दौरा है और गुजरात में बच्चों के लिए शुरू हुआ एक नेचर हब है।
पहली खबर संगीत की है। वर्सोवा में रहने वाली म्यूजिशियन मेघा रावूत आज देश की राजधानी में मंच पर उतरेंगी। ऐतिहासिक सफदरजंग मकबरे में मोमबत्तियों की रोशनी में सितार की शाम सजेगी। मेघा पुरबायन चटर्जी की शिष्या हैं। वे अपनी पसंदीदा बंदिशों के साथ कुछ अपनी बनाई रचनाएं भी पेश करेंगी। इस डायरी से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मजे की बात है कि मैं दिल्ली की होकर भी कभी सफदरजंग नहीं गई, लेकिन लगता है संगीत मुझे वहां ले जाएगा। मैं छाप तिलक, मस्त कलंदर जैसी पसंदीदा चीजें बजाऊंगी और कुछ अपनी रचनाएं भी, एक इम्प्रोवाइज्ड सेट में। अपने शहर लौटकर अपने ही लोगों के सामने बजाना बहुत शानदार लगता है।"
दूसरी खबर विज्ञान की है। आने वाले तीन रविवार को रिसर्चर नोबेल पुरस्कार से प्रेरित विज्ञान के विचारों को लैब से बाहर आम लोगों तक ले जाएंगे। इसमें इंटरैक्टिव बातचीत, ट्रिविया और सवाल-जवाब के सत्र होंगे। "नोबेल डिस्कवरीज: सिम्प्लिफाइड, द 2026 एडिशन" नाम की यह पहल क्यूरियस कैटरी की है। इसे प्रियंका कामठे और सुजय जाधव ने तैयार किया है।
इस पहल का मकसद नोबेल जीतने वाली खोजों को आम लोगों तक पहुंचाना है और नौजवानों को रिसर्च को करियर के तौर पर सोचने के लिए प्रेरित करना है। सीरीज में मुंबई के टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च के रिसर्चर हिस्सा लेंगे। मेडिसिन का सत्र सुचित मेंडन लेंगे। केमिस्ट्री के सत्र के लिए लुभांशी गर्ग और सुजीत दास हैं, जबकि फिजिक्स का सत्र द्वैपायन मुखर्जी संभालेंगे। प्रियंका कामठे ने कहा, "हम चाहते हैं कि नौजवान दिमागों में 'क्यूरियॉसिटी' की चिंगारी जगे।"
तीसरी खबर खाने की है। इस हैलोवीन पर डिनर के साथ कत्ल की गुत्थी सुलझाना चाहते हैं? चेंबूर का परिवार चलाने वाला सपर क्लब बैठक एक्सपीरियंस "ए मर्डर इन महफिल" करवा रहा है। यह पंजाबी शादी की थीम पर इंटरैक्टिव शाम है। मेहमान गुप्त पहचान लेंगे, सुराग ढूंढेंगे और नूरपुर हवेली में हुए कत्ल के कातिल को पकड़ने के लिए मिलकर काम करेंगे।
मंदीप कौर ने इस डायरी को बताया, "हैलोवीन की सजावट होगी और खाने में अमृतसरी कुलचा, पिंडी छोले, दिल्ली स्टाइल गोल गप्पे और घर का बना सीक्रेट स्पिट्जर 'शाक की शुरुआत' जैसी चीजें रहेंगी। हम एक काल्पनिक पंजाबी हवेली बनाते हैं, जहां कत्ल होता है और मेहमानों को मिलकर उसे सुलझाना होता है। किरदारों और सुरागों से लेकर खाने और संगीत तक हर चीज सोच-समझकर रखी गई है, और इस दौरान लजीज खाना भी चलता रहता है।" बुकिंग के लिए @baithak.experience पर लॉग ऑन करें, और याद रहे, कातिल कोई भी हो सकता है।
चौथी खबर डांस की है। नॉर्वे के डांस क्रू द क्विक स्टाइल ने पिछले हफ्ते कलेक्टिव ओस्लो में एडवर्ड मुंक की कलाकृतियों पर मूवमेंट पीस पेश किया था। फिर आगरा में ताजमहल पर डांस किया और नरीमन पॉइंट पर भी एक क्विक स्टेपर किया। यानी उनका टूर काफी लंबा हो चुका है। अब अपने टचडाउन वर्ल्ड टूर के भारतीय चरण की शुरुआत वे आज बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में परफॉर्मेंस से करेंगे। इसके बाद पुणे, गोवा और बेंगलुरु में शो होंगे और आखिर में हैदराबाद में टूर खत्म होगा।
आखिरी खबर पर्यावरण की है। इस सोच के साथ कि आज बोए गए बीज कल की हरियाली तय करेंगे, केम्प्स कॉर्नर की जुनून एकेडमी ने गुजरात के ढसा में "द जुनून नेचर हब" शुरू किया है। इसका मकसद बच्चों को कुदरत से अपना रिश्ता समझाना है, यानी खाना कहां से आता है, यह जानना और पर्यावरण का ख्याल रखते हुए शरीर को पोषण देना सीखना।
ढसा में जुनून एकेडमी के कोऑर्डिनेटर अमित मैसुरिया ने कहा, "यह पहल बच्चों को बागवानी के जरिए कुदरत से जोड़ने के लिए है। एकेडमी के बच्चे विद्यालय के अंदर फल और सब्जियां उगाने में हिस्सा लेंगे, पौधों की देखभाल करना सीखेंगे और समझेंगे कि खाना कैसे उगता है। इससे उनमें पर्यावरण के प्रति जागरूकता और कुदरत के लिए सम्मान बढ़ेगा।"
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