शनिवार, 7 नवंबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

किसानों को 5 हजार रुपये के बाद एक और राहत, खेत की पगडंडी रास्तों के लिए 116 करोड़ रुपये जारी

किसानों को 5 हजार रुपये के बाद एक और राहत, खेत की पगडंडी रास्तों के लिए 116 करोड़ रुपये जारी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
PT24 मुंबई टीम

सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र में सरकार ने मातोश्री ग्रामसमृद्धि खेत पाणंद रास्ता योजना के लिए 116 करोड़ रुपये का फंड बांटा है। इससे अटके रास्तों के काम चलेंगे और गांव में रोजगार मिलेगा।

इस साल अल नीनो ने मानसून का पूरा हिसाब बिगाड़ दिया। जून के आखिरी हफ्ते और पूरे जुलाई महीने में अच्छी बारिश हुई, लेकिन उसके बाद अल नीनो का असर गहराता गया और बारिश थम गई। पूरा मानसून सूखा निकल गया। अगस्त, सितंबर और अक्टूबर के महीनों में बारिश ने बिल्कुल दगा दे दिया।

बारिश न होने से खरीफ का सीजन हाथ से निकल गया। रबी की फसलों की बुवाई के लिए भी पर्याप्त पानी नहीं गिरा, इसलिए किसान और बड़ी मुसीबत में फंस गए। इस साल खेती से कोई उपज ही नहीं निकली, तो अब गुजारा कैसे होगा, यह सवाल किसानों के सामने खड़ा है। अनाज की कमी के साथ-साथ जानवरों के चारे की भी भारी किल्लत हो गई है। इस वजह से किसान बेबस और हताश है।

निराश किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने कुछ दिन पहले अग्रिम मदद के तौर पर पांच हजार रुपये देने का ऐलान किया था। राज्य के लगभग सभी किसानों के खाते में यह रकम आने लगी है। इन पैसों से किसानों को थोड़ी राहत मिली है। अब राज्य सरकार की ओर से एक और बड़ी घोषणा की गई है।

मातोश्री ग्रामसमृद्धि खेत पाणंद रास्ता योजना के तहत 116 करोड़ रुपये का फंड जारी किया गया है। यह फंड रोजगार गारंटी योजना के तहत बांटा गया है। इससे अटके पड़े खेत पाणंद रास्तों के कामों को रफ्तार मिलेगी। खेत तक बारहमासी रास्ते पहुंचाने के लिए सरकार ने पहल की है।

इन कामों से सूखे के दौर में किसानों और खेत मजदूरों को रोजगार मिलेगा। उन्हें अपने ही इलाके में काम मिलेगा, इसलिए सूखे की वजह से होने वाले पलायन पर भी कुछ हद तक रोक लग सकती है। कुशल अनुदान न मिलने से जो काम रुके पड़े थे, उन्हें 116 करोड़ रुपये के इस फंड से गति मिलेगी।

मंत्री भरत गोगावले ने बताया कि सरकार का जोर ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के काम समय पर पूरे करने पर है। साथ ही सूखे के हालात में इन कामों से स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने में मदद मिलेगी।

#मुंबई#PT24#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे