सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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एकल महिलाओं के लिए नई योजना की तैयारी, राज्य में 12 लाख से ज्यादा महिलाएं

लाडकी बहीण योजना के बाद महाराष्ट्र सरकार अकेले परिवार चलाने वाली महिलाओं के लिए अलग योजना लाने की तैयारी में है।

एकल महिलाओं के लिए नई योजना की तैयारी, राज्य में 12 लाख से ज्यादा महिलाएं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना राज्य में काफी लोकप्रिय रही। लेकिन ई-केवायसी की प्रक्रिया के बाद लाखों बहनें इस योजना से बाहर हो गईं। इस पर विरोधियों ने सरकार पर खूब आरोप लगाए। अब राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए एक और बड़ी योजना लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह योजना राज्य की एकल महिलाओं के लिए होगी, यानी उन महिलाओं के लिए जो अकेले अपने दम पर परिवार की गाड़ी खींच रही हैं।

पति का निधन हो चुका हो, तलाक हो गया हो या पति ने छोड़ दिया हो, ऐसी महिलाओं को इस योजना से फायदा मिलेगा। उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने एक कार्यक्रम में इस योजना की शुरुआती जानकारी दी। उनके मुताबिक लाडकी बहीण योजना की तर्ज पर ही एकल महिलाओं के लिए नई योजना जल्द लाई जाएगी।

योजना का मुख्य मकसद उन महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक स्थिरता दिलाना होगा, जो अकेले परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं और पूरे परिवार का बोझ अपने कंधों पर उठाती हैं।

सरकार अभी यह आंकड़ा जमा कर रही है कि राज्य में कितनी एकल महिलाएं हैं। एक अंदाजे के मुताबिक राज्य में 12 लाख से ज्यादा एकल महिलाएं हैं। इनमें विधवा, तलाकशुदा, पति से अलग रह रहीं और आजीवन अविवाहित महिलाएं शामिल होंगी। ये महिलाएं बच्चों की पढ़ाई और घर की रोजी-रोटी का सहारा हैं। वे दिन-रात मेहनत करके परिवार की गाड़ी खींचती हैं।

इन महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक स्थिरता देने के लिए लाडकी बहीण योजना के बाद अलग से एकल महिला योजना लाने की तैयारी चल रही है। अभी इस योजना की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन इसका ऐलान जल्द होगा। योजना की शर्तें और नियम आधिकारिक तौर पर जाहिर किए जाएंगे।

इस नई योजना के लिए शुरुआती स्तर पर शिक्षा विभाग डेटा जमा कर रहा है। जिन विद्यार्थियों के पिता नहीं हैं, ऐसे बच्चों की जानकारी इकट्ठा की जा रही है। यह डेटा स्कूल और कॉलेज से लिया जा रहा है।

शुरुआती जानकारी के हिसाब से राज्य में 3 लाख से ज्यादा एकल महिलाओं का आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आया है। अब तहसील और गांव के स्तर से जानकारी जमा की जाएगी। उसके बाद राज्य की कुल एकल महिलाओं की आधिकारिक संख्या सामने आएगी।

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