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अल्बानिया पर संजय राउत की X पोस्ट से सियासी बवाल, वकील ने दर्ज कराई शिकायत

शिव सेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे-UBT) के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत की एक X पोस्ट को लेकर सियासत गरमा गई है। पोस्ट में उन्होंने अल्बानिया का जिक्र किया था। भारत में अल्बानिया के बारे में बहुत लोग नहीं जानते, लेकिन इस पोस्ट के बाद यह देश अचानक चर्चा में आ गया है।

अल्बानिया, जिसका आधिकारिक नाम रिपब्लिक ऑफ अल्बानिया है, दक्षिण-पूर्वी यूरोप में बाल्कन प्रायद्वीप पर बसा देश है। इसकी राजधानी तिराना है। खबर के मुताबिक तिराना में सुप्रीम कोर्ट के दफ्तरों में आग लगा दी गई। वहां सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं, जो प्रदर्शनकारियों के दावे के मुताबिक मुख्य रूप से भ्रष्टाचार को लेकर हैं।

राउत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अल्बानिया की जनता ने सुप्रीम कोर्ट को जला दिया है। लोग इसलिए भड़के थे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट भ्रष्ट प्रधानमंत्रियों की मदद कर रहा था। उन्होंने यह भी लिखा कि प्रदर्शन करती जनता ने संसद, सरकारी दफ्तरों और मंत्रियों के घरों पर भी हमला किया। राउत के मुताबिक सभी देशों को इन घटनाओं से सबक लेना चाहिए, खासकर भारत को। पोस्ट में भारत का नाम नहीं है, लेकिन आखिरी शब्द "खासकर" के बाद राउत ने भारत के झंडे का इमोजी लगाया है।

इसी पोस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के वकील विनीत जिंदल ने 21 अक्टूबर को शिकायत दी। यह शिकायत दिल्ली पुलिस कमिश्नर (@CPDelhi) और जॉइंट सीपी (@DCP_IFSO) को दी गई है। इसमें मांग की गई है कि संजय राउत (@rautsanjay61) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 353(1)(b), 152, 196 और 197 और आईटी एक्ट, 2000 के लागू प्रावधानों के तहत तुरंत FIR दर्ज की जाए।

जिंदल की शिकायत राउत की उसी सोशल मीडिया पोस्ट पर है, जिसमें अल्बानिया के सुप्रीम कोर्ट को जलाए जाने का जिक्र है और कहा गया है कि देशों को, खासकर भारत को, इससे सबक लेना चाहिए। शिकायत में "संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने के कथित मामले की जांच" की मांग की गई है। वकील ने कहा, "कानून के राज और हमारी न्यायिक संस्थाओं की गरिमा की रक्षा होनी चाहिए।"

विवाद के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा, "कौन सा विवाद? कोई विवाद नहीं है। कुछ लोग अपनी सुविधा के हिसाब से विवाद 'बना' रहे हैं। मैंने अपनी X पोस्ट से बस इतना कहा था कि भारत के लोग सतर्क हो जाएं। जिस दौर में हम जी रहे हैं, उसके प्रति सतर्क रहें और अपने आसपास की दुनिया के हालात के प्रति भी। क्या यह सही नहीं है? क्या लोगों को समझदार बनकर यह नहीं जानना चाहिए कि भारत के बाहर क्या हो रहा है?"

जब राउत को बताया गया कि उनके खिलाफ शिकायत दर्ज हुई है, तो उन्होंने पलटकर कहा, "होने दीजिए। आजकल शिकायत करना एक तरह का ट्रेंड या फैशन बन गया है। कोई तिरंगा फहराता है तो शिकायत हो जाती है। इसका अराजकता या हिंसा से कोई लेना-देना नहीं है। मेरी पोस्ट का मतलब सिर्फ सतर्क रहने से है।"

वकील जिंदल ने इस पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, "आजकल देश और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ बयान देना ट्रेंड और फैशन बन गया है। यह उन्हीं राउत की बात है, जिन्हें चार दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस देकर अपने आचरण पर सफाई मांगी थी। उस नोटिस के बाद भी उन्होंने अपने 'X' अकाउंट पर यह पोस्ट डाली, और यह उनकी आपराधिक मंशा की ओर इशारा करता है। एक कानूनी पेशेवर और जागरूक नागरिक के नाते मेरा फर्ज है कि मैं उनके मौजूदा बयान, आचरण और पुराने आचरण की ओर ध्यान दिलाऊं, जिससे साफ होगा कि वे आदतन अपराधी हैं। अगर वे सचमुच लोगों को 'सतर्क' करना चाहते थे, तो किसी दूसरे देश के सुप्रीम कोर्ट के जलने को उछालने वाली इस तथाकथित चौंकाने वाली पोस्ट की जगह कोई और विनम्र शब्द इस्तेमाल कर सकते थे।"

जिंदल पहले भी ऐसी शिकायत कर चुके हैं। अक्टूबर 2023 में उन्होंने पाकिस्तान की स्पोर्ट्स प्रेजेंटर जैनब अब्बास के खिलाफ साइबर पुलिस में शिकायत दी थी। वे उस वक्त ICC क्रिकेट वर्ल्ड कप के लिए भारत में थीं। शिकायत में जिंदल ने उनकी पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट का हवाला दिया था, जिन्हें भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी बताया गया था। इसके बाद अब्बास भारत छोड़कर चली गईं।

उस समय जिंदल ने कहा था कि अब्बास की टिप्पणियां "देश की अखंडता और संप्रभुता" का अपमान करने वाली थीं। उन्होंने समझाया था, "मैं कानून मानने वाला नागरिक हूं। मैंने सोशल मीडिया पर पलटवार नहीं किया, मैंने सही प्रक्रिया के तहत जाकर शिकायत दर्ज कराई।"

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