उज्जैन के रामघाट पर सांस्कृतिक भव्यता: कथा, भजन और लाखों दीपों का उत्सव
उज्जैन के रामघाट पर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक परंपराओं को समर्पित महाकाल सांस्कृतिक प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को भावविभोर किया गया।
कथाकार शैलेश लोढ़ा ने कथावाचन के माध्यम से उज्जैन की सांस्कृतिक गाथा, धार्मिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का परिचय दिया। कथावाचन के जरिए उज्जैन की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को सामने रखा गया।
इसके बाद भवानी शास्त्री के नेतृत्व में भक्तिमय भजन प्रस्तुति का आयोजन हुआ। भजनों की मधुर स्वर लहरियों से रामघाट का वातावरण भक्तिमय हो गया। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भजन प्रस्तुति का आनंद लिया।
कार्यक्रम के दौरान महाकालेश्वर मंदिर पर आधारित पुस्तक 'इतिहास के पृष्ठों से' का विमोचन किया गया। इस पुस्तक के माध्यम से महाकालेश्वर मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई।
आतिशबाजी, प्रकाश शो और अग्नि शो ने कार्यक्रम की भव्यता को बढ़ाया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, रंग-बिरंगी रोशनी और दीपों की जगमगाहट से उज्जैन में उत्सव और भक्ति का वातावरण बना रहा।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम ने उज्जैन की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक परंपराओं और जनभागीदारी को एक मंच पर प्रस्तुत किया। हजारों स्वयंसेवकों की सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना से लाखों दीपों की रोशनी से एक भव्य उत्सव का आयोजन हुआ। शिप्रा तट और महाकाल लोक में एक साथ प्रज्ज्वलित दीपों ने उज्जैन की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को भव्यता प्रदान की।