सेबी के 'डिमॅट 2.0' पायलट में MSE शामिल, टोकनाइज्ड कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी
भारतीय कर्ज बाजार में नई तकनीक आजमाने के लिए सेबी की रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के तहत मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया ने पहला टोकनाइज्ड कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी करवाया।
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भारत के कर्ज बाजार में डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सेबी की रेगुलेटरी लैब फ्रेमवर्क के तहत शुरू किए गए 'डिमॅट 2.0' पायलट प्रोजेक्ट में मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MSE भी जुड़ गया है। इस पायलट का मकसद कॉर्पोरेट बॉन्ड को टोकनाइज करना है।
इस पायलट के जरिए कॉर्पोरेट बॉन्ड जुटाने के लिए नई तकनीक इस्तेमाल की जा रही है। इससे लेनदेन पहले से ज्यादा तेज, पारदर्शी और असरदार बनेगा, साथ ही ज्यादा निवेशकों को बाजार तक पहुंच मिल सकेगी। यही वजह है कि इस पहल को अहम माना जा रहा है।
इस प्रोजेक्ट में कॉर्पोरेट बॉन्ड की उगाही सीधे डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी यानी DLT पर की जा रही है। हालांकि मालिकाना हक की आधिकारिक एंट्री अब भी वैधानिक डिपॉजिटरी संस्थाओं के पास ही रहेगी। खास बात यह है कि मौजूदा रेगुलेटेड मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर के अंदर ही सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी CBDC के जरिए लेनदेन का फाइनल सेटलमेंट किया जा रहा है। इस तरह इस प्रोजेक्ट में पुरानी बाजार व्यवस्था और नई डिजिटल तकनीक का मेल देखने को मिल रहा है।
इसी पायलट के तहत MSE के इलेक्ट्रॉनिक बॉन्ड प्लेटफॉर्म यानी MSE EBP ने IIFL Finance Limited के पहले टोकनाइज्ड कॉर्पोरेट बॉन्ड की उगाही की प्रक्रिया आसान बनाई। इस बॉन्ड इश्यू के लिए Trust Investment Advisors Private Limited ने अरेंजर सलाहकार के तौर पर काम किया। टोकनाइजेशन के जरिए कॉर्पोरेट बॉन्ड जारी करने की यह प्रक्रिया भारत के कर्ज बाजार के इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिहाज से अहम मानी जा रही है।
इस पूरी पहल का मुख्य मकसद तकनीक के जरिए कैपिटल जुटाने की प्रक्रिया को और असरदार बनाना है। लेनदेन का तेज सेटलमेंट, प्रक्रिया में ज्यादा पारदर्शिता और ज्यादा लोगों की पहुंच के लिहाज से टोकनाइजेशन काफी काम आ सकता है। चूंकि रेगुलेटेड मार्केट के मौजूदा ढांचे में ही यह नई तकनीक टेस्ट की जा रही है, इसलिए आगे चलकर भारतीय कर्ज बाजार में ऐसे डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल बढ़ने की उम्मीद है।
टोकनाइज्ड कॉर्पोरेट बॉन्ड के इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत Global Fintech Fest 2026 में हुई थी। इस मौके पर सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे और रिजर्व बैंक के गवर्नर संजीव मल्होत्रा के साथ मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर, फाइनेंशियल मार्केट, फिनटेक और टेक्नोलॉजी सेक्टर के कई स्टेकहोल्डर मौजूद थे।
MSE की मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO लतिका एस. कुंडू ने इस पहल की अहमियत बताते हुए कहा कि 'डिमॅट 2.0' के जरिए सेबी ने इनोवेशन के लिए जो पहल की है, वह भारत के कर्ज बाजार का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टोकनाइजेशन से तकनीक और भरोसेमंद मार्केट इन्फ्रास्ट्रक्चर का तालमेल बनेगा, जिससे कैपिटल जुटाना पहले से ज्यादा असरदार, पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से मुमकिन होगा।