सावंतवाडी पालिका: स्टॉक रजिस्टर गायब मामले में एफआईआर पर ही नगरसेविकाओं का सवाल
पानीपुरवठा विभाग के स्टॉक रजिस्टर गायब होने के मामले में जोडारी भारत लाखे पर गुन्हा दर्ज हुआ, लेकिन शिवसेना नगरसेविकाओं ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग कर दी है।
सावंतवाडी नगरपरिषद के पानीपुरवठा विभाग में एक स्टॉक रजिस्टर गायब हो गया और उसे ठिकाने लगा दिया गया, ऐसा सामने आया है। इस मामले में जोडारी भारत लाखे के खिलाफ पुलिस में गुन्हा दाखल किया गया है। लेकिन इस पूरी कार्रवाई पर ही अब सवाल खड़े हो गए हैं।
शिवसेना की नगरसेविका एडवोकेट सायली दुभाषी और शर्वरी धारगळकर ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। दोनों नगरसेविकाओं का आरोप है कि यह चोरी करने वालों का ही फिर्याद देने का अजब मामला है, और इसमें बड़ी मछलियां यानी बड़े लोग छिपे होने की आशंका है। उन्होंने साफ किया है कि इस पूरे मामले की सिंधुदुर्ग के जिल्हाधिकारी के जरिए जांच कराई जाए और इसके लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम यानी SIT बनाने की मांग रखी जाएगी।
नगरसेविकाओं का कहना है कि नगरपालिका के नियम के हिसाब से स्टॉक रजिस्टर लिखने का काम भले जोडारी के पास हो, लेकिन रजिस्टर को सुरक्षित रखने की मुख्य जिम्मेदारी संबंधित विभागप्रमुख की ही होती है। इस वजह से रजिस्टर गुम होने की शिकायत पानीपुरवठा विभाग के प्रमुख की तरफ से ही दर्ज होनी चाहिए थी, ऐसा उनका कहना है।
सबसे बड़ा सवाल जिस अफसर ने शिकायत दर्ज कराई, उसी संजय पोईपकर की भूमिका पर उठाया गया है। आरोप है कि पोईपकर ने कमिटी की मीटिंग में यह कबूल किया कि उन्होंने ऑडिट के लिए सप्लायर से डेढ़ लाख रुपए लिए थे। नगरसेविकाओं के मुताबिक संबंधित सप्लायर ने भी यह पैसे देने की बात मान ली है। ऐसे में जिस शख्स पर खुद भ्रष्टाचार का आरोप है, उसी ने आरोपी के खिलाफ पुलिस स्टेशन में फिर्याद कैसे दर्ज कराई, यह सवाल दोनों नगरसेविकाओं ने उठाया है।
दुभाषी और धारगळकर का कहना है कि सिर्फ जोडारी पर कार्रवाई करके इस मामले को बंद नहीं करना चाहिए। मुख्याधिकारी और बाकी वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी जरूरी है। रजिस्टर गायब होने के पीछे असल में जिम्मेदारी किसकी है, और इस मामले में और कौन-कौन शामिल है, इसकी जांच की मांग उन्होंने की है।
इस पूरे घटनाक्रम से सावंतवाडी नगरपालिका के कामकाज पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगरसेविकाओं ने कहा है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। सिंधुदुर्ग के जिल्हाधिकारी तुरंत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाकर मुख्याधिकारी, शिकायत करने वाले अफसर संजय पोईपकर और इस मामले से सीधे या परोक्ष रूप से जुड़े लोगों की गहराई से जांच करें, ऐसी मांग रखी जाने वाली है।