गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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02:17 IST

RBI का नया मसौदा नियम, संदिग्ध लेनदेन पर बैंक खाता हो सकता है फ्रीज

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने साइबर फ्रॉड और मनी-म्यूल खातों पर लगाम लगाने के लिए नया मसौदा नियम जारी किया है, जिसके तहत संदिग्ध लेनदेन पर पैसे निकालने या ट्रांसफर करने पर अस्थायी रोक लग सकती है।

RBI का नया मसौदा नियम, संदिग्ध लेनदेन पर बैंक खाता हो सकता है फ्रीज
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

अगर आप बैंक से पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश कर रहे हैं और सब कुछ ठीक होने के बावजूद यह लेनदेन नहीं हो पा रहा, तो इसकी वजह भारतीय रिजर्व बैंक का नया नियम हो सकता है। RBI ने देश भर के सभी बैंक खाताधारकों के लिए एक जरूरी और सतर्क करने वाली जानकारी जारी की है। अगर आपके बैंक खाते में अचानक कोई संदिग्ध लेनदेन दिखता है, तो उसमें मौजूद रकम को अस्थायी रूप से फ्रीज किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर पूरे खाते से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने पर भी कुछ समय के लिए रोक लगाई जा सकती है।

RBI ने साइबर फ्रॉड और मनी-म्यूल खातों से निपटने के लिए एक समान प्रक्रिया का मसौदा जारी किया है। इस नए प्रस्ताव का मकसद यह है कि साइबर फ्रॉड से मिली रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर होने से रोकी जा सके। फिलहाल यह प्रक्रिया सिर्फ प्रस्ताव के तौर पर है और इस पर आम लोगों से राय मांगी गई है।

अब सवाल यह है कि कौन से बैंक खाते फ्रीज हो सकते हैं। अगर बैंक का लेनदेन निगरानी सिस्टम किसी लेनदेन को संदिग्ध मानता है, जो मनी-म्यूल लेनदेन या साइबर फ्रॉड से जुड़ा हो सकता है, तो प्रस्तावित नियम के तहत उस रकम पर रोक लगाई जाएगी। प्रस्तावित नियम के मुताबिक, 1,000 रुपये या उससे ज्यादा का लेनदेन तभी संदिग्ध माना जाएगा जब बैंक के सिस्टम में फ्रॉड से जुड़ा फ्लैग दिखे। अगर पूरे बैंक खाते के मनी-म्यूल खाते के तौर पर इस्तेमाल होने का शक हो, तो उस खाते से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने पर अस्थायी रोक लगाई जा सकती है।

मनी-म्यूल खाता उसे कहते हैं जिसे साइबर फ्रॉड या गैरकानूनी तरीके से कमाए गए पैसे को स्वीकार करने और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। कई बार लोग जानबूझकर अपने खाते इसी मकसद के लिए इस्तेमाल करते हैं, तो कई बार लोग पूरी जानकारी के बिना ही अपना बैंक खाता किसी और को दे देते हैं।

अगर बैंक किसी खाते पर अस्थायी डेबिट रोक लगाता है, तो बैंक के लिए ग्राहक को इसकी नोटिस देना जरूरी होगा। नोटिस में रोक की वजह, उसे हटाने की प्रक्रिया और लेनदेन की डिटेल देनी होगी। लेकिन ग्राहक को जवाब देने के लिए 20 दिन तक का समय मिल सकता है। यह अस्थायी डेबिट रोक आम तौर पर 60 दिन तक चल सकती है।

अभी यह RBI के मसौदा नियम हैं, अंतिम नियम नहीं। RBI ने आम लोगों से राय लेने के लिए 2 अक्टूबर, 2026 की आखिरी तारीख तय की है। प्रस्तावित गाइडलाइंस 1 अप्रैल, 2027 से लागू होंगी।

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