पोषण अभियान और मातृवंदना योजना में वर्धा जिले को राज्य में दोहरा पहला स्थान
महिला व बाल विकास विभाग की योजनाओं में बेहतरीन काम के लिए वर्धा जिले को मुंबई में सम्मानित किया गया।
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महिला व बाल विकास विभाग की अलग-अलग योजनाओं को असरदार तरीके से लागू करने और बेहतरीन काम दिखाने पर वर्धा जिले को राज्य स्तर पर दोहरे पहले नंबर से गौरवान्वित किया गया है। आठवें राष्ट्रीय पोषण माह में उम्दा कामकाज के साथ-साथ प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत तय टारगेट के 142 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन पूरा करके जिले ने महाराष्ट्र में पहला स्थान हासिल किया, इसी के लिए यह सम्मान दिया गया।
यह अवॉर्ड मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में महिला व बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे के हाथों दिया गया। जिले की तरफ से यह पुरस्कार जिला कार्यक्रम अधिकारी मनीषा कुरसंगे ने स्वीकार किया।
17 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 के बीच चलाए गए आठवें राष्ट्रीय पोषण माह की थीम थी 'सुपोषित नारी, सशक्त परिवार अभियान'। इसी अभियान की बदौलत जिले को यह कामयाबी मिली है। इस दौरान जिले में महिलाओं, बच्चों, किशोरवयीन लड़कियों और परिवारों की सेहत और पोषण को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैलाई गई। अभियान के तहत मोटापा कम करने, बचपन की देखभाल और शिक्षा, पोषण के साथ पढ़ाई, नवजात व बच्चों के खान-पान के तरीके, पुरुषों की भागीदारी, स्थानीय स्तर पर सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता, सबकी मिलीजुली कोशिश और डिजिटलीकरण जैसे कई मुद्दों पर अलग-अलग कार्यक्रम चलाए गए। पोषण अभियान का मकसद यही है कि समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर पोषण को एक जनआंदोलन की शक्ल दी जाए।
दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना में भी जिले ने तय लक्ष्य के 142 प्रतिशत रजिस्ट्रेशन पूरा करके महाराष्ट्र में पहला नंबर हासिल किया। योजना का फायदा पात्र महिलाओं तक पहुंचाने के लिए आंगनवाड़ी केंद्र स्तर पर खास कोशिशें की गईं। लाभार्थी महिलाओं का रजिस्ट्रेशन, जागरूकता फैलाना, कागजी कार्रवाई पूरी करना और ऑनलाइन प्रोसेस को तेज करना, इन सब पर जोर दिया गया।
जिले को मिला यह दोहरा पहला स्थान दरअसल जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला व बाल कल्याण विभाग, एकात्मिक बाल विकास सेवा योजना, बाल विकास प्रकल्प अधिकारी, पर्यवेक्षिका, आंगनवाड़ी सेविका व सहायिका और बाकी सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों की सुनियोजित और लगातार की गई मेहनत का नतीजा है। इस ऐतिहासिक कामयाबी पर जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारी, बाल विकास प्रकल्प अधिकारी, पर्यवेक्षिका, आंगनवाड़ी सेविका और सहायिका को हर तरफ से बधाइयां मिल रही हैं।