नाशिक में गड्ढों और बारिश से देर हुए स्टूडेंट्स को UPSC सेंटर पर एंट्री नहीं, पैरेंट्स का हंगामा
नाशिक में रविवार को हुई NDA-NA II परीक्षा में कुछ स्टूडेंट्स सिर्फ दो-तीन मिनट लेट पहुंचे तो के. व्ही. एन. नाईक कॉलेज सेंटर पर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया, जिसके बाद पैरेंट्स ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
नाशिक में रविवार, 13 सितंबर को हुई राष्ट्रीय संरक्षण प्रबोधिनी और नौदल प्रबोधिनी द्वितीय यानी NDA-NA II की परीक्षा में शहर के टूटे रोड, गड्ढे और ट्रैफिक जाम ने कई स्टूडेंट्स का साल बर्बाद कर दिया। तय टाइम के बाद सिर्फ दो से तीन मिनट लेट पहुंचे कुछ स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर के अंदर जाने ही नहीं दिया गया, जबकि एंट्री टाइम खत्म होने की बात कहकर गेट बंद कर दिया गया था।
यह परीक्षा केंद्रीय लोकसेवा आयोग यानी UPSC की तरफ से रविवार को कराई गई थी। नाशिक शहर में इसके लिए 13 सब-सेंटर बनाए गए थे। इनमें से के. व्ही. एन. नाईक कॉलेज के सेंटर पर एंट्री टाइम को लेकर बड़ा बवाल हो गया। कुछ स्टूडेंट्स तय समय के बाद दो-तीन मिनट देर से पहुंचे तो उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। स्टूडेंट्स ने बाहर खड़े होकर हाथ जोड़कर अंदर जाने की गुहार लगाई, पर उन्हें एंट्री नहीं मिली।
दरअसल रविवार को शहर में बारिश की वजह से कई जगह सड़कों पर पानी भर गया था। इसके ऊपर से रोड पर गड्ढे और ट्रैफिक जाम ने गाड़ियों की रफ्तार धीमी कर दी। कई स्टूडेंट्स सेंटर पर टाइम से पहुंचने के लिए घर से घंटों पहले निकले थे, लेकिन रास्ते में इन्हीं दिक्कतों की वजह से उन्हें कुछ मिनट की देरी हो गई।
के. व्ही. एन. नाईक कॉलेज सेंटर के बाहर एंट्री ना मिलने पर स्टूडेंट्स बंद दरवाजे के सामने खड़े होकर गिड़गिड़ाते रहे, "बस दो ही मिनट हुए हैं, अंदर जाने दो।" लेकिन नियम का हवाला देकर उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। इतनी मेहनत के बाद सेंटर के दरवाजे तक पहुंचकर भी एग्जाम ना दे पाने की वजह से कुछ स्टूडेंट्स की आंखों में आंसू आ गए।
इस पूरे मामले पर निवासी उपजिल्हाधिकारी रोहितकुमार राजपूत ने साफ किया कि UPSC के नियमों के मुताबिक, परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही एंट्री गेट बंद कर दिया जाता है। प्रशासन की तरफ से यह भी बताया गया कि एंट्री टाइम खत्म होने के बाद किसी भी अधिकारी को इसमें ढील देने का अधिकार नहीं है।
अपने बच्चों को एग्जाम ना दे पाने की वजह से गुस्साए पैरेंट्स ने सेंटर के बाहर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। पैरेंट्स ने सवाल उठाया कि अगर शहर के गड्ढों और ट्रैफिक जाम की वजह से स्टूडेंट्स को देर हुई, तो इसकी सजा स्टूडेंट्स को क्यों मिले। कुछ देर के लिए सेंटर के बाहर माहौल तनावपूर्ण हो गया। गुस्साए पैरेंट्स ने UPSC के एग्जाम इंस्पेक्टर की गाड़ी को भी रोकने की कोशिश की, जिससे हंगामा और बढ़ गया।
सुबह 9:30 बजे रिपोर्टिंग टाइम तय किया गया था। इसके कुछ मिनट बाद पहुंचे स्टूडेंट्स को एंट्री नहीं दी गई। UPSC एग्जाम में नियम और टाइम का पालन जरूरी है, लेकिन शहर की सड़कों की हालत, बारिश से भरा पानी और ट्रैफिक जाम को देखते हुए यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रशासन ने सेंटर्स के आसपास ट्रैफिक का इंतजाम किया था। कुछ मिनट की देरी से स्टूडेंट्स का एग्जाम छूटने के बाद नाशिक की सड़कों और ट्रैफिक व्यवस्था का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।