नागपुर: सुरक्षा रक्षकों के वेतन में घोटाला, विकास ठाकरे ने दोषियों पर FIR की मांग की
कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने आरोप लगाया कि कचरा संकलन करने वाली कंपनी एजी एन्व्हायरो ने सुरक्षा एजेंसी और मनपा अधिकारियों की मिलीभगत से 17 सुरक्षा रक्षकों के नाम पर बिना अनुमति बैंक खाते खुलवाए और उनके वेतन में कटौती की।
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नागपुर मनपा के अंतर्गत कचरा संकलन का काम करने वाली कंपनी एजी एन्व्हायरो पर सुरक्षा रक्षकों के वेतन में बड़ा घोटाला करने का आरोप लगा है। कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे ने दावा किया है कि इस कंपनी ने सुरक्षा एजेंसी और मनपा अधिकारियों के साथ मिलकर 17 सुरक्षा रक्षकों की बिना अनुमति के उनके नाम पर बैंक खाते खोल दिए। इन खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं, और सुरक्षा रक्षकों को तय वेतन से हर महीने हजारों रुपये कम दिए जाकर उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की गई।
कंत्राट की शर्तों के अनुसार हर सुरक्षा रक्षक को महीने में 25,600 रुपये वेतन मिलना तय था, लेकिन असल में कर्मचारियों के हाथ में सिर्फ 15,500 रुपये आते थे। इस तरह हर महीने 17 सुरक्षा रक्षकों के 1,71,700 रुपये और साल भर में पूरे 20,60,400 रुपये हड़प लिए गए।
पीड़ित सुरक्षा रक्षकों के एक शिष्टमंडल ने विधायक विकास ठाकरे से मुलाकात कर पूरे मामले का पर्दाफाश किया। उनके मुताबिक नवंबर 2019 से आर्मर सिक्युरिटी इंडिया लिमिटेड नाम की एजेंसी ने सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक की बड़ी शाखा में सुरक्षा रक्षकों की कोई सहमति लिए बिना ही उनके नाम पर खाते खुलवा दिए थे।
विधायक ठाकरे ने मांग रखी है कि पूरे कंत्राट अवधि के सभी आर्थिक लेन-देन का तुरंत विशेष ऑडिट कराया जाए। साथ ही फर्जी खाते खोलने वाली सुरक्षा एजेंसी, एजी एन्व्हायरो कंपनी, सूर्योदय बैंक और मनपा के दोषी अधिकारियों पर तुरंत गुनाह दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों को उनके हक के बकाया वेतन की रकम ब्याज सहित तुरंत दी जाए।
मई 2026 में जब सुरक्षा रक्षकों ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, तो एजेंसी ने बदले की भावना से उनका वेतन ही रोक दिया। वेतन न मिलने की वजह से जून 2026 से इन कर्मचारियों के सामने काम बंद करने की नौबत आ गई।
विधायक ठाकरे ने मनपा की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मनपा मुख्य नियोक्ता होने के बावजूद अधिकारियों ने यह जांच ही नहीं की कि कंत्राटदार कंपनी मजदूर कानूनों का पालन कर रही है या नहीं। विवाद खड़ा होने के बाद एजी एन्व्हायरो ने पुराने ही मालिकों से जुड़ी एलिट सिक्युरिटास नाम की दूसरी एजेंसी को कंत्राट दे दिया। विधायक ठाकरे को शक है कि सिर्फ नाम बदलकर वही गड़बड़ी आगे भी जारी रखी जा रही है।
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