नागपुर जिला न्यायालय के लिए आधुनिक इमारत बनेगी: मुख्यमंत्री फडणवीस
नागपुर जिला वकील संघटना के नए पदाधिकारियों के पदग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नई इमारत बनाने का भरोसा दिलाया।
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नागपुर में जिला न्यायालय का काम लगातार बढ़ रहा है, और इसे देखते हुए यहां जल्द ही एक बड़ी और सुसज्जित नई इमारत बनाई जाएगी। यह भरोसा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज नागपुर में दिया। उन्होंने न्यायव्यवस्था से जुड़े सभी लोगों से यह भी अपील की कि वे वंचित और आकांक्षी तबके के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
मौका था नागपुर जिला वकील संघ की नई कार्यकारिणी के पदग्रहण समारोह का, जो आज शाम डॉ. वसंतराव देशपांडे सभागृह में हुआ। मुख्यमंत्री फडणवीस इस कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि थे, जबकि अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने की। कार्यक्रम में बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के प्रशासकीय न्यायमूर्ति अनिल किलोर, विधि और न्याय राज्यमंत्री एडवोकेट आशिष जयस्वाल और नागपुर के प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश एम. एस. आझमी भी मौजूद रहे। इनके अलावा जिला वकील संघ के अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश जायसवाल, सचिव अनिल गुल्हाने, संघ के पूर्व अध्यक्ष रोशन बागडे और पूर्व सचिव मनिष रणदिवे भी वहां उपस्थित थे।
नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए फडणवीस ने कहा कि न्यायव्यवस्था में जबरदस्त बदलाव आया है और अब बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस बदलते दौर में आम आदमी का न्यायदान की प्रक्रिया पर भरोसा और मजबूत करने और जल्दी न्याय मिलने की उनकी उम्मीद पूरी करने की दिशा में काम करने की जरूरत है। उन्होंने नागपुर बार असोसिएशन की परंपरा को बहुत गौरवशाली बताया। साथ ही पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद की है, और उनका यह आदर्श न्यायदान से जुड़े सभी लोगों को अपने सामने रखना चाहिए।
पूर्व मुख्य न्यायाधीश भूषण गवई ने कानून, न्यायव्यवस्था और वकील संघ की भूमिका पर बात करते हुए कहा कि ज्यूडीशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर के मामले में महाराष्ट्र आगे है और पिछले कुछ सालों में इस दिशा में काफी काम हुआ है। उन्होंने विधि विश्वविद्यालय और कोल्हापूर खंडपीठ की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन कामों के लिए कभी फंड की कमी नहीं होने दी और खुद पहल करके कई काम आगे बढ़ाए। उन्होंने वकीलों से सामाजिक क्षेत्र में भी अपना योगदान देने को कहा।
न्यायमूर्ति अनिल किलोर ने कहा कि नागपुर बार असोसिएशन की डेढ़ सौ साल पुरानी परंपरा बहुत गौरवशाली है और बार असोसिएशन को ऐसे वकील तैयार करने में आगे आना चाहिए जिनमें सामाजिक जिम्मेदारी और समझ हो। उन्होंने कहा कि वकालत कोई पेशा नहीं बल्कि सामाजिक काम है, और सभी को चार दीवारों से बाहर निकलकर समाज के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए।
नई कार्यकारिणी के अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश जायसवाल और नागपुर के प्रमुख जिला व सत्र न्यायाधीश एम. एस. आझमी ने भी अपने विचार रखे, जबकि कार्यक्रम की प्रस्तावना एडवोकेट रोशन बागडे ने की। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नागपुर बार असोसिएशन की सदस्यता दी गई।
नई कार्यकारिणी में एडवोकेट प्रकाश एस. जायसवाल अध्यक्ष और एडवोकेट अनिल गुल्हाने सचिव बने हैं। इनके साथ उपाध्यक्ष एडवोकेट विकास करहाडे और एडवोकेट वैशाली बगाडे, सहसचिव एडवोकेट पंकज राजवाडे और एडवोकेट रुबी सिंग, कोषाध्यक्ष एडवोकेट प्रीती पिंपळकर और पुस्तकालय प्रमुख एडवोकेट सौरभ राऊत ने पदभार संभाला। इसके अलावा सदस्य के तौर पर एडवोकेट रोहित रामटेके, एडवोकेट सुशांत पाटील, एडवोकेट इन्दरदीप सिंग कलसी, एडवोकेट अमेय फुंडे, एडवोकेट मंगेश लाढे और एडवोकेट नवज्योत सोनी ने, वहीं महिला आरक्षित प्रतिनिधि के रूप में एडवोकेट पूजा शर्मा, एडवोकेट स्नेहा पेटकर और एडवोकेट मेघना बोबडे ने पदग्रहण किया। मौजूद लोगों ने नई कार्यकारिणी को बधाई दी। इस कार्यक्रम में कई विधि विशेषज्ञ, वकील, छात्र और आम नागरिक मौजूद रहे।