मुदत खत्म ग्रामपंचायतों पर अब विस्तार अधिकारी बनेंगे प्रशासक, सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया
राज्य सरकार ने उन ग्रामपंचायतों के लिए रास्ता निकाला है जहां कार्यकाल खत्म होने के बाद भी चुनाव नहीं हो पाए हैं।
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राज्य में ग्रामीण राजनीति को लेकर सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिन ग्रामपंचायतों की मुदत खत्म हो चुकी है, लेकिन प्रशासकीय वजहों से चुनाव नहीं हो पाए, उन ग्रामपंचायतों का कामकाज ठीक से चलता रहे इसके लिए सरकारी अधिकारियों को प्रशासक बनाकर नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। यह फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में और ग्रामविकास तथा पंचायतराज मंत्री जयकुमार गोरे के मार्गदर्शन में लिया गया है, ऐसी जानकारी सामने आई है।
सरकार के इस फैसले से ग्रामीण इलाकों में अटके हुए विकास कामों और रोज के प्रशासकीय कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में मदद मिलेगी, ऐसा कहा जा रहा है। ग्रामविकास विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राज्य की जिन ग्रामपंचायतों की मुदत खत्म हो गई है, उन ग्रामपंचायतों पर विस्तार अधिकारियों (Extension Officers) की प्रशासक पद पर नियुक्ति की जाएगी। इस फैसले की वजह से अगले चुनाव होने तक ग्रामीण इलाकों में रुके हुए विकास कार्य, नागरिक सुविधाएं और रोज का प्रशासकीय कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे, इसीलिए ग्रामविकास विभाग ने यह फैसला लिया है।
सरकार की अधिसूचना के अनुसार, जिन ग्रामपंचायतों की मुदत खत्म हो चुकी है और जहां चुनाव प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, उन ग्रामपंचायतों पर विस्तार अधिकारी (कृषि), विस्तार अधिकारी (स्वास्थ्य), विस्तार अधिकारी (शिक्षा), विस्तार अधिकारी (पंचायत) या अन्य सरकारी अधिकारियों को प्रशासक के तौर पर नियुक्त किया जा सकेगा।
नियुक्त किए जाने वाले प्रशासकों का कार्यकाल महाराष्ट्र सरकार के राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से छह महीने तक या संबंधित ग्रामपंचायत की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक, इनमें से जो भी पहले हो, तब तक रहेगा।
सरपंच परिषद ने ग्रामविकास और पंचायतराज मंत्री जयकुमार गोरे से मुदत खत्म हो चुकी ग्रामपंचायतों में आ रही प्रशासकीय दिक्कतें दूर करने और स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं का कामकाज सुचारू रखने के लिए प्रशासक नियुक्त करने की मांग की थी। इस मांग को लगातार उठाते रहने के बाद सरकार के स्तर पर सकारात्मक कार्रवाई हुई। इसके बाद मुदत खत्म हो चुकी और चुनाव जिनके प्रलंबित हैं, ऐसी ग्रामपंचायतों पर प्रशासक नियुक्त करने का रास्ता खुल गया है।
इस फैसले से चुनाव प्रलंबित होने की वजह से ग्रामपंचायतों का प्रशासकीय कामकाज ठप पड़ने की आशंका कम हो जाएगी। गांव वालों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं, विकास कार्य और रोज का प्रशासकीय कामकाज चालू रखने में इस फैसले से मदद मिलेगी।