रविवार, 1 नवंबर 2026

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MPSC पेपरलीक मामले में संभाजी ब्रिगेड आक्रमक, सचिव के चेहरे पर स्याही, अध्यक्ष को भी चेतावनी

MPSC पेपरलीक मामले में संभाजी ब्रिगेड आक्रमक, सचिव के चेहरे पर स्याही, अध्यक्ष को भी चेतावनी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

नवी मुंबई में MPSC सचिव महेंद्र हरपाळकर के चेहरे पर काला रंग पोता गया, तीन कार्यकर्ता गिरफ्तार, संभाजी ब्रिगेड ने राजीनामे की मांग दोहराई।

महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग यानी MPSC की परीक्षाओं में कथित पेपरलीक को लेकर माहौल गरमा गया है। इसी मुद्दे पर अब संभाजी ब्रिगेड ने सीधा आक्रामक रुख अपना लिया है। नवी मुंबई में MPSC के सचिव महेंद्र हरपाळकर के चेहरे पर काला रंग पोतने की घटना सामने आई है। इस घटना के बाद MPSC के कामकाज पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में संभाजी ब्रिगेड के तीन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। नवी मुंबई पुलिस की डिप्टी कमिश्नर अमित काळे ने यह जानकारी दी।

संभाजी ब्रिगेड के महाराष्ट्र प्रवक्ता संतोष शिंदे ने इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि MPSC की तैयारी कर रहे 25 लाख विद्यार्थियों और महाराष्ट्र की 12 करोड़ जनता की ओर से यह कार्रवाई की गई है। शिंदे ने यह भी कहा कि महेंद्र हरपाळकर के गाल पर लगा तमाचा असल में जनता की ओर से सरकार को लगाया गया तमाचा है।

इससे पहले भी फूड एंड ड्रग्स इंस्पेक्टर पद की परीक्षा में कथित पेपरलीक के मुद्दे पर संभाजी ब्रिगेड आंदोलन कर चुकी है। 3 अगस्त को राज्यभर के जिलाधिकारी कार्यालयों के सामने प्रदर्शन कर सरकार को चेतावनी दी गई थी। संगठन का आरोप है कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

"सरकार को जो भाषा समझ में आती है, उसी भाषा में बात करनी पड़ती है," यह कहते हुए संतोष शिंदे ने MPSC अध्यक्ष और सचिव से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर इस्तीफा नहीं दिया गया तो अगला नंबर MPSC अध्यक्ष का होगा।

MPSC के कामकाज पर नाराजगी जताते हुए संतोष शिंदे ने और तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज जो कार्रवाई हुई वह तो बस झांकी है, अध्यक्ष का नंबर अभी बाकी है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर पेपर लीक होते रहेंगे, परीक्षाएं रद्द होती रहेंगी और विद्यार्थियों का नुकसान होता रहेगा, तो आखिर कब तक इंतजार किया जाए।

इस घटना पर सांसद सुप्रिया सुळे ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि आंदोलन और चर्चा लोकतांत्रिक तरीके से होनी चाहिए, चेहरे पर काला रंग पोतना या स्याही फेंकना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी भूमिका बस यही है कि विद्यार्थियों को न्याय मिले।

महेंद्र हरपाळकर दिसंबर 2025 से MPSC के सचिव पद पर काम कर रहे हैं। इससे पहले वे छत्रपती संभाजीनगर में जाति प्रमाणपत्र सत्यापन समिति में काम कर चुके हैं। फूड एंड ड्रग्स इंस्पेक्टर पद के पेपरलीक की शिकायत के बाद उन्होंने बताया था कि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत वापस ले ली है। कहा जाता है कि हरपाळकर 1995 से प्रशासन में अधिकारी के रूप में काम कर रहे हैं।

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