महाराष्ट्र में उमस भरी गर्मी: नागपुर 33 तो मुंबई 29 डिग्री तक पहुंचा पारा
नागपुर और मुंबई में 17 सितंबर को गर्मी और उमस के साथ हवा की गुणवत्ता मध्यम दर्ज की गई।
महाराष्ट्र के दो बड़े शहरों नागपुर और मुंबई में 17 सितंबर को गर्मी के साथ उमस भी परेशान करने वाली रही। नागपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, जबकि मुंबई में पारा 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। दोनों शहरों में नमी का स्तर काफी ऊंचा रहने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा।
नागपुर की बात करें तो यहां सुबह के वक्त तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। दिन चढ़ने के साथ पारा 33 डिग्री तक जा पहुंचा, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। शहर में सूरज सुबह 5:41 बजे निकला और शाम 5:59 बजे डूबा। नमी 92 प्रतिशत तक दर्ज की गई, वहीं वायुमंडलीय दबाव 1007 के करीब रहा। आने वाले दिनों में भी नागपुर के तापमान में कोई बड़ा फेरबदल होता नहीं दिख रहा। अगले छह दिनों का अनुमान बताता है कि पारा लगभग 33, 34, 33, 34, 34 और 34 डिग्री सेल्सियस के बीच घूमता रहेगा।
हवा की बात करें तो नागपुर में 17 सितंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 65 दर्ज हुआ, जिसे मॉडरेट श्रेणी में गिना जाता है। PM 2.5 का स्तर 36 और PM 10 का स्तर 65 रहा। डॉक्टर सलाह देते हैं कि ऐसे मध्यम प्रदूषण वाले माहौल में जिन लोगों को सांस की तकलीफ रहती है, वे लंबे समय तक बाहर रहने से बचें और घर से निकलते वक्त थोड़ी एहतियात बरतें।
अब मुंबई की तरफ रुख करें तो यहां 17 सितंबर को तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है। मुंबई में सूरज सुबह 6:26 बजे उगा और शाम 6:40 बजे अस्त हुआ। नमी का स्तर 89 प्रतिशत रहा, जबकि हवा का दबाव 1010 के करीब मापा गया। अगले छह दिनों में मुंबई का पारा धीरे-धीरे बढ़ता दिख सकता है, अनुमान के मुताबिक यह करीब 29, 29, 30, 31, 31 और 31 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, यानी गर्मी और उमस अभी टलने वाली नहीं है।
मुंबई का AQI 54 दर्ज किया गया, जो यहां भी मॉडरेट श्रेणी में आता है। PM 2.5 का स्तर सिर्फ 5 रहा, वहीं PM 10 का स्तर 33 दर्ज हुआ। हवा भले मध्यम दर्जे की हो, लेकिन जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जी या सांस से जुड़ी कोई परेशानी है, उन्हें बाहर निकलते वक्त सावधान रहने की जरूरत बताई गई है। जरूरत पड़ने पर मास्क लगाना और प्रदूषण वाली जगहों पर ज्यादा देर न रुकना बेहतर रहेगा।