गुरूवार, 17 सितमबर 2026

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03:29 IST

खापरी में पुल न होने से अंतिम संस्कार के लिए शव कीचड़ से ले जाने की नौबत

घाटंजी तहसील के खापरी गांव में श्मशान घाट तक पुल न होने से ग्रामीण बरसों से परेशान, बारिश में शव को 3-4 किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता है।

खापरी में पुल न होने से अंतिम संस्कार के लिए शव कीचड़ से ले जाने की नौबत
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

यवतमाल जिले के घाटंजी तहसील के खापरी गांव में एक ऐसी दिक्कत सामने आई है, जो गांव वालों को हर बार तब झेलनी पड़ती है जब किसी अपने को आखिरी विदाई देनी होती है। गांव के श्मशान घाट तक जाने के लिए कोई पुल नहीं है, और इस वजह से शव को कीचड़ से भरे रास्ते से होकर ले जाना पड़ता है। सरकारी सुविधाओं की कमी वैसे भी लोगों के लिए सिरदर्द बनी रहती है, पर यहां तो मामला अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील मौके का है, इसलिए सवाल और गंभीर हो जाता है।

खापरी गांव के पास से एक नदी बहती है, और उसके उस पार श्मशान घाट है, साथ ही एक जाना-माना मंदिर भी वहीं है। गांव वालों का कहना है कि नदी में पानी हो या न हो, दूसरी तरफ जाने वाला रास्ता हमेशा बहुत कीचड़युक्त रहता है। यानी अंतिम यात्रा के वक्त लोगों को फिसलन भरे रास्ते पर संभल-संभल कर शव लेकर चलना पड़ता है।

बारिश के दिनों में यह परेशानी और बढ़ जाती है। पानी और कीचड़ इतना ज्यादा हो जाता है कि कई बार उस रास्ते से गुजरना ही मुमकिन नहीं रहता। तब मजबूरी में ग्रामीणों को शव को अंतिम संस्कार के लिए करीब 3 से 4 किलोमीटर दूर घाटंजी शहर तक ले जाना पड़ता है।

गांव वालों के मुताबिक श्मशान घाट तक पुल बनवाने की मांग सालों से उठाई जा रही है, लेकिन स्थानीय राजनीतिक गुटबाजी और प्रशासन की कथित लापरवाही के चलते यह समस्या आज भी जस की तस बनी हुई है। उनका आरोप है कि इस मुद्दे पर पहले भी खबरें छपती रही हैं और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों तक बात पहुंचाई जा चुकी है, फिर भी कोई पक्का हल नहीं निकला। गांव वाले पूछ रहे हैं कि अगर पुल बनाने की कोशिशें हुई भी थीं, तो अब तक निर्माण क्यों नहीं हो पाया।

ग्रामीणों का कहना है कि बाकी विकास कामों में देरी को शायद समझा भी जा सकता है, पर श्मशान घाट तक सुरक्षित पहुंचने का रास्ता एक बुनियादी और नाजुक जरूरत है, इसमें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को प्राथमिकता से कदम उठाना चाहिए। उनकी मांग है कि खापरी गांव में श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए जल्द से जल्द पुल बनवाया जाए, ताकि बारिश के मौसम में किसी को जान जोखिम में डालकर कीचड़ से होकर अंतिम यात्रा न निकालनी पड़े।

सिर्फ खापरी ही नहीं, ग्रामीणों का कहना है कि घाटंजी तहसील के दूसरे इलाकों में भी बुनियादी सुविधाओं की ऐसी ही दिक्कतें हैं। अब यह देखना बाकी है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और पुल बनाने के लिए ठोस कदम कब उठाए जाते हैं।

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