करोड़पति ब्रिटेन छोड़कर ग्रीस क्यों जा रहे हैं, टैक्स छूट और लाइफस्टाइल बनी वजह
रोकोस कैपिटल मैनेजमेंट के फाउंडर क्रिस रोकोस समेत कई अरबपतियों ने ब्रिटेन की टैक्स रेजिडेंसी छोड़कर ग्रीस का रुख किया है।
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पिछले कुछ सालों में दुनियाभर के सुपर-रिच लोगों के पलायन का एक नया ट्रेंड दिखने लगा है। ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोप के कई बड़े अरबपति अब अपना देश छोड़कर ग्रीस जैसे खूबसूरत और टैक्स-फ्रेंडली देशों में शिफ्ट हो रहे हैं। इसी सिलसिले में ब्रिटेन के मशहूर अरबपति और रोकोस कैपिटल मैनेजमेंट के फाउंडर क्रिस रोकोस ने लंदन छोड़कर अपनी टैक्स रेजिडेंसी ग्रीस की राजधानी एथेंस शिफ्ट कर ली है, जिसके बाद इस मुद्दे पर दुनियाभर में बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। रोकोस ने अकेले पिछले साल ब्रिटेन सरकार को करीब 330 मिलियन पाउंड यानी लगभग 4,235 करोड़ रुपये टैक्स भरा था। इतने बड़े टैक्सपेयर के देश छोड़ने से यूरोप की इकोनॉमी में हलचल मच गई है।
वेल्थ और माइग्रेशन पर काम करने वाली इंटरनेशनल संस्था हेनले एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले 2025-2026 के दौरान करीब 1,200 से ज्यादा लक्षाधीशों के ग्रीस में सेटल होने का अनुमान है। इसकी सबसे बड़ी वजह है ग्रीस की नॉन-डोमिसाइल टैक्स रेजिडेंसी प्रोग्राम। इस स्पेशल स्कीम के तहत विदेश से करोड़ों की कमाई करने वाले अमीर लोगों को ग्रीस में रहते हुए अपनी विदेशी आमदनी पर सिर्फ 1,00,000 यूरो यानी लगभग 95 लाख रुपये का सालाना फ्लैट टैक्स भरना होता है। यह फायदा उन्हें लगातार 15 साल तक मिलता है। अपने मूल देश के टैक्स के मुकाबले अरबपतियों के लिए यह रकम बेहद मामूली है, इसी वजह से ग्रीस उनकी पहली पसंद बनता जा रहा है।
ब्रिटेन के टैक्स सिस्टम में हाल ही में हुए बड़े बदलावों को इस पलायन की मुख्य वजह माना जा रहा है। ब्रिटेन सरकार ने अपना कई दशक पुराना नॉन-डोम स्टेटस खत्म कर दिया है, जिसके तहत विदेशी नागरिकों को ब्रिटेन में रहते हुए भी विदेशी आमदनी पर टैक्स में छूट मिलती थी। इसके अलावा कैपिटल गेंस, इनहेरिटेंस टैक्स और प्राइवेट इक्विटी पर बढ़े हुए टैक्स की वजह से क्रिस रोकोस के अलावा लक्ष्मी मित्तल और नसीफ सावीरिस जैसे बड़े कारोबारियों ने भी ब्रिटेन छोड़कर दूसरे देशों का रास्ता पकड़ा है।
दूसरी तरफ ग्रीस सरकार ने सिर्फ टैक्स में छूट ही नहीं दी, बल्कि फाइनेंशियल कंपनियों, हेज फंड और प्राइवेट इक्विटी मैनेजरों के लिए कैरिड इंटरेस्ट और बोनस पर सिर्फ 5% टैक्स लगाने का नया नियम भी लागू किया है। इसी वजह से रोकोस जैसे बिजनेसमैन एथेंस में अपने नए कॉर्पोरेट ऑफिस खोल रहे हैं, जिससे वहां रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
सिर्फ टैक्स छूट ही नहीं, ग्रीस की लाइफस्टाइल भी अमीरों को खींच रही है। भूमध्य सागर का खूबसूरत किनारा, साल भर मिलने वाली अच्छी धूप, प्रदूषण से मुक्त माहौल और शांत यूरोपियन जीवनशैली की वजह से लंदन या न्यूयॉर्क जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों से थके अमीर लोग अब ग्रीस को तरजीह दे रहे हैं। साथ ही ग्रीस का गोल्डन वीजा प्रोग्राम विदेशी निवेशकों को प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करके आसानी से सिटीजनशिप और रेजिडेंट स्टेटस दिलाता है। पहले ग्रीस की पहचान सिर्फ टूरिज्म के लिए मशहूर देश की थी, लेकिन अब ग्रीस सरकार खुद को ग्लोबल इन्वेस्टमेंट, हेज फंड और बिजनेस हब के तौर पर डेवलप कर रही है। यही वजह है कि अमीर लोग अब सिर्फ पैसा कमाने की जगह नहीं, बल्कि सुकून से जिंदगी जीने और अपनी संपत्ति सुरक्षित रखने के लिए ग्रीस को चुन रहे हैं।