जरीपटका थाने में ACB का छापा, 20 हजार रिश्वत लेते हवलदार रंगे हाथ पकड़ाया
जरीपटका पुलिस थाने में ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने ट्रैप लगाकर हवलदार सचिन तायडे को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा, दूसरा आरोपी पुलिसकर्मी मनीष मेश्राम फरार बताया जा रहा है।
नागपुर के जरीपटका पुलिस थाने के अंदर ही ACB यानी एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए वहां तैनात एक हवलदार को रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। ACB के मुताबिक पकड़ा गया हवलदार सचिन मानिकराव तायडे है, जिसे 20 हजार रुपये की रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ा गया। इस पूरे मामले में उसी थाने में काम करने वाले एक और पुलिसकर्मी मनीष उत्तम मेश्राम का नाम भी सामने आया है, उसके भी कथित रूप से शामिल होने की बात कही जा रही है।
ट्रैप की इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान ही हवलदार सचिन तायडे की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसकी वजह से उसे इलाज के लिए मेयो अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। वहीं दूसरा आरोपी मनीष मेश्राम मौके से फरार हो गया और अभी तक उसका कुछ पता नहीं चला है।
ACB की जानकारी के अनुसार जरीपटका थाने में एक 23 साल के शिकायतकर्ता के खिलाफ पहले से एक अदखलपात्र मामला दर्ज था। बताया जा रहा है कि इसी केस में मदद करने के बदले दोनों पुलिसकर्मियों ने शिकायतकर्ता से कथित तौर पर 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। बातचीत आगे बढ़ी तो रकम घटकर 20 हजार रुपये पर तय हो गई। लेकिन शिकायतकर्ता रिश्वत देने को तैयार नहीं था, इसलिए उसने सीधे ACB से जाकर इसकी शिकायत कर दी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने पहले पूरे मामले की पुष्टि की और उसके बाद जरीपटका थाने में ही ट्रैप बिछाने की योजना बनाई। पंचों की मौजूदगी में थाने की पहली मंजिल पर बने आरोपी के कमरे में ही यह कार्रवाई अंजाम दी गई। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने मिलीभगत करके शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये की रिश्वत ले ली। इसके बाद हवलदार सचिन तायडे ने कथित तौर पर वह रकम वहीं से गायब भी कर दी।
ACB की टीम ने इस पूरी घटना को कार्रवाई का हिस्सा बनाते हुए दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई के बीच में ही सचिन तायडे की तबीयत खराब होने पर उसे मेयो अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मनीष उत्तम मेश्राम फरार होने में कामयाब रहा। अब दोनों आरोपियों के खिलाफ जरीपटका पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है। ACB इस केस की आगे की जांच में जुटी है और फरार आरोपी मनीष मेश्राम की तलाश जारी है।