'हनुमान अंश' के बाद फिर सुर्खियों में कैंची धाम, यहां जाने से पहले जान लें पूरी जानकारी
फिल्म में दिखने के बाद कैंची धाम की लोकप्रियता और बढ़ गई है, जानिए वहां कैसे पहुंचे और कब जाना सही रहेगा।
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उत्तराखंड में बसा कैंची धाम अपने शांत माहौल के लिए मशहूर है। नीम करौली बाबा का यह धाम हाल ही में 'हनुमान अंश' फिल्म में दिखाया गया, जिसके बाद इस जगह की पहचान और भी बढ़ गई। शिप्रा नदी के किनारे बसे इस धाम पर पहुंचते ही भक्तों को एक अलग तरह की शांति महसूस होती है। अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन कैंची धाम में बिताने की सोच रहे हैं, तो वहां पहुंचने का रास्ता, सही समय और दर्शन से जुड़ी जरूरी बातें पहले जान लेना ठीक रहेगा।
कैंची धाम नैनीताल से महज १७ किमी दूर है और यहां रेल, सड़क और हवाई तीनों रास्तों से पहुंचा जा सकता है। ट्रेन से जाने वालों के लिए सबसे नजदीकी स्टेशन काठगोदाम है, जो धाम से करीब ३८ किमी दूर पड़ता है। सड़क के रास्ते जाना हो तो हल्द्वानी और भवाली होते हुए कार या बस से ७-८ घंटे में यहां पहुंचा जा सकता है। मुंबई से सीधे कैंची धाम जाना काफी लंबा पड़ता है, इसी वजह से ज्यादातर लोग पहले दिल्ली पहुंचते हैं और वहां से आगे का सफर शुरू करते हैं। हवाई मार्ग से आना हो तो पंतनगर एयरपोर्ट सबसे नजदीक है, वहां से टैक्सी पकड़कर धाम तक पहुंचा जा सकता है।
दर्शन के लिए सबसे अच्छा समय सितंबर से नवंबर के बीच माना जाता है। बारिश के मौसम में यहां जाने से पहले थोड़ा सोच-समझकर चलना चाहिए, क्योंकि उस दौरान रास्ते बंद होने और भूस्खलन जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। धाम में दर्शन का समय सुबह ६.४५ बजे से रात ८ बजे तक रहता है। शाम को ठीक ७ बजे आरती होती है, जिसमें भक्तों की खासी भीड़ जुटती है। मंगलवार के दिन यहां खास कीर्तन का आयोजन भी होता है, जो रात ९ बजे तक चलता है।
रुकने की बात करें तो आश्रम में ठहरने की जगह बहुत सीमित है, इसलिए वहां जाने से पहले ही आश्रम या किसी होटल में एडवांस बुकिंग करा लेना बेहतर रहेगा। एक बात का खास ध्यान रखें, मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल, सेल्फी लेने या फोटो-वीडियो बनाने पर पूरी तरह से रोक है।