हैक हुए WhatsApp नंबर से आ रही फाइलें, खोलने से पहले फोन करके पक्का कर लें
साइबर सिक्योरिटी कंपनी Quick Heal ने चेतावनी दी है कि हैकर्स हैक किए हुए WhatsApp अकाउंट से जान-पहचान के नंबरों पर वायरस वाली फाइलें भेज रहे हैं।
WhatsApp अब सबकी जिंदगी का हिस्सा बन गया है। फोटो भेजना हो, वीडियो हो या ऑफिस के कागजात, सब कुछ WhatsApp पर ही चलता है। लेकिन अब इसी WhatsApp का इस्तेमाल करके लोगों को ठगने का नया तरीका सामने आया है। साइबर सिक्योरिटी कंपनी Quick Heal ने इस बारे में बड़ी चेतावनी दी है। हैकर्स अब WhatsApp के जरिए फोन में वायरस वाली फाइलें भेज रहे हैं और लोगों को इसका पता भी नहीं चल पाता।
हैकर्स का तरीका काफी शातिर है। ये पहले किसी का WhatsApp अकाउंट हैक करते हैं। फिर उस नंबर की कॉन्टैक्ट लिस्ट में जितने भी नंबर होते हैं, उन सबको एक फाइल भेज देते हैं। जरा सोचिए, अगर ऑफिस के बॉस या किसी दोस्त की तरफ से कोई फाइल आए तो आप क्या करेंगे? तुरंत खोल लेंगे ना, क्योंकि नंबर जाना-पहचाना है। हैकर्स इसी भरोसे का फायदा उठाते हैं।
ऐसा लगता है कि फाइल जान-पहचान के आदमी ने भेजी है, लेकिन असल में वह हैकर की भेजी होती है। फाइल देखने में बिल्कुल असली लगती है, जैसे बिजनेस की कोई रिपोर्ट, बिल या ऑफिस का डॉक्युमेंट हो। फाइल को ऐसा नाम भी दिया जाता है जिससे वह असली लगे। एक बार फाइल खोली नहीं कि फोन का पूरा डेटा हैकर्स तक पहुंच सकता है।
Quick Heal के मुताबिक ये लोग किसी को भी रैंडम टारगेट नहीं करते, बल्कि जानबूझकर बड़े लोगों को निशाना बनाते हैं। यानी कंपनी की फाइनेंस टीम के लोग, बड़े अफसर, CA और बिजनेस करने वाले लोग, क्योंकि इनके फोन या लैपटॉप में पैसों के लेनदेन और कंपनी की गुप्त जानकारी होती है। यह जानकारी मिलते ही हैकर्स को बड़ा फायदा हो जाता है। ये लोग अपना तरीका बार-बार बदलते रहते हैं, इसलिए इन्हें पकड़ना भी मुश्किल है।
तो बचें कैसे? घबराने की जरूरत नहीं है, बस थोड़ा होशियार रहना होगा। जान-पहचान के नंबर से भी फाइल आए, पर लगे कि अचानक क्यों भेजी, तो पहले रुक जाएं और तुरंत डाउनलोड न करें। सबसे आसान तरीका है फोन करके पक्का करना। दोस्त की तरफ से फाइल आए तो उसे सीधे फोन करके पूछें, "तूने फाइल भेजी क्या?" अगर उसने मना किया तो समझ जाएं कि कुछ गड़बड़ है।
कोई अजीब फाइल आए तो उसे किसी और को फॉरवर्ड न करें, वरना आप भी फंसेंगे और सामने वाला भी। फोन का सॉफ्टवेयर और एंटीवायरस हमेशा अपडेट रखें, क्योंकि पुराने सॉफ्टवेयर में हैकर्स आसानी से घुस सकते हैं। फाइल का नाम अजीब हो, जैसे abc.exe.pdf जैसा कुछ, तो उसे खोलें ही नहीं, सीधे डिलीट कर दें। याद रखें, WhatsApp पर नंबर जाना-पहचाना हो तब भी यह पक्का नहीं कि मेसेज भेजने वाला वही इंसान है। इसलिए थोड़ा सावधान रहेंगे तो फोन और जानकारी दोनों सुरक्षित रहेंगे।