गूगल के फिनलैंड में 15 अरब डॉलर के प्लान पर ट्रम्प नाराज, फैसला बदलने की मांग
टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनी गूगल ने यूरोप के देश फिनलैंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा सेंटर के लिए 15 अरब अमेरिकी डॉलर का बड़ा प्लान बनाया है, और इसी को लेकर अब एक नया अंतरराष्ट्रीय विवाद खड़ा हो गया है। इस भारी-भरकम निवेश की खबर सामने आते ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। ट्रम्प का कहना है कि गूगल ने अमेरिका के बजाय विदेश को तरजीह दी है, और उन्होंने कंपनी से इस पर तुरंत फिर से विचार करने की मांग की है।
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस मामले में एक तीखी पोस्ट लिखी। उन्होंने लिखा कि अमेरिका में सरकारी परमिशन लेना बहुत मुश्किल और उलझा हुआ काम होता जा रहा है, और यही वजह बताते हुए गूगल ने फिनलैंड में एक बड़ा प्लांट लगाने का ऐलान किया है। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई और गूगल को अपने इस फैसले में तुरंत बदलाव करना चाहिए। इसी पोस्ट के जरिए उन्होंने एक बार फिर अमेरिकी कंपनियों से देश के भीतर ही पैसा लगाने की अपनी मांग दोहराई।
AI के भविष्य की बात करते हुए ट्रम्प ने डेटा सेंटर्स की अहमियत पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, AI टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर्स इंसानी इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक विकास का इंजन साबित होंगे। उनका कहना है कि यह सेक्टर तेल, सोना, हीरे या यहां तक कि इंटरनेट क्रांति से भी कहीं ज्यादा बड़े पैमाने पर आर्थिक तरक्की लेकर आएगा। साथ ही उन्होंने अमेरिका में टेक्नोलॉजी सेक्टर की तरक्की में रुकावट डालने वाले नियमों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में AI सेक्टर की शानदार तरक्की को रोकने की कोशिश करने वाली किसी भी ताकत या सरकारी लालफीताशाही को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा, और अमेरिका की ग्लोबल बढ़त बनाए रखने के लिए इस क्षेत्र में देश के भीतर ही इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करना बहुत जरूरी है।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल ने पिछले हफ्ते ही फिनलैंड में अपने डिजिटल आर्किटेक्चर और AI क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कम से कम 15 अरब डॉलर (करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये) खर्च करने का ऐलान किया था। इसे यूरोप में गूगल का अब तक का सबसे बड़ा एक बार में किया गया कैपिटल इन्वेस्टमेंट माना जा रहा है। गूगल की फिनलैंड के दक्षिणी तट पर हामिना में साल 2009 से एक बड़ी फैसिलिटी चल रही है, जो एक पुरानी पेपर मिल की जगह पर बनाई गई थी। इस नए निवेश के तहत गूगल यहां नए डेटा सेंटर बनाएगा और जेमिनी, गूगल सर्च, गूगल मैप्स और यूट्यूब जैसे ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स के लिए जरूरी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा। इसके अलावा एनर्जी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए ग्रिड में सुधार और आधुनिक बैटरी स्टोरेज टेक्नोलॉजी लगाने का काम भी किया जाएगा।
गूगल के इस भारी निवेश से फिनलैंड की इकॉनमी को सीधा और बड़ा फायदा मिलने वाला है। प्रोजेक्ट के शुरुआती निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर वाले चरण में फिनलैंड में करीब 37,000 से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होने का अनुमान लगाया गया है। वहीं डेटा सेंटर पूरी क्षमता से शुरू होने के बाद लंबे समय तक चलने वाले काम के लिए कम से कम 7,000 पक्की नौकरियां बनी रहेंगी। प्रोजेक्ट के लिए जरूरी बिजली की पूर्ति के लिए गूगल ने फिनलैंड में विंड एनर्जी सप्लायर्स के साथ बिजली खरीद के करार पक्के किए हैं, और स्थानीय बिजली कंपनी के साथ 22 साल का ऐतिहासिक न्यूक्लियर एनर्जी करार भी किया है। यही वजह है कि फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जांडर स्टब के लिए यह प्रोजेक्ट एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक जीत माना जा रहा है, तो दूसरी तरफ ट्रम्प की नाराजगी के बाद अब पूरी दुनिया की निगाहें इस पर टिकी हैं कि गूगल इस दबाव में आकर अपना फैसला बदलता है या फिनलैंड में अपना काम आगे बढ़ाता रहता है।