घोडबंदर रोड पर जल्द राहत: गायमुख-पायेगाव खाड़ी पुल का 95 फीसदी पाइलिंग काम पूरा
ठाणे के घोडबंदर घाट से रोज गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों को जल्द ट्रैफिक जाम से राहत मिलने वाली है, MMRDA का पुल प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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ठाणे के घोडबंदर घाट से रोज सफर करने वाले हजारों वाहन चालकों और नौकरीपेशा लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। इस रास्ते पर रोज लगने वाले भयंकर ट्रैफिक जाम और भारी वाहनों की वजह से होने वाली परेशानी अब जल्द खत्म होने वाली है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण यानी MMRDA ने जो गायमुख-पायेगाव खाड़ी पुल का काम हाथ में लिया था, उसमें अब काफी तेजी आ गई है।
खाड़ी में पाइलिंग का काम पूरे 95 फीसदी तक पूरा हो चुका है। अब इस प्रोजेक्ट में पिअर और पिअर कैप बनाने के काम की रफ्तार बढ़ा दी गई है। यह पुल बनने के बाद घोडबंदर घाट का एक बेहतरीन और सीधा विकल्प मिल जाएगा।
गायमुख से पायेगाव के बीच बनने वाले इस चार लेन के एलिवेटेड खाड़ी पुल को बनाने की जिम्मेदारी MMRDA ने अशोका बिल्डकॉन कंपनी को सौंपी है। फिलहाल वाहन चालकों को गायमुख से पायेगाव तक पहुंचने के लिए फाउंटेन होटल जंक्शन, चिंचोटी और फिर पायेगाव होते हुए करीब 31.5 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।
लेकिन नया पुल शुरू होने के बाद यह लंबा सफर पूरी तरह खत्म हो जाएगा, और ठाणे, भिवंडी तथा वसई जैसे अहम शहरों के बीच ट्रैफिक को सीधे जोड़ने वाला शॉर्टकट मिल जाएगा।
साढ़े छह किलोमीटर लंबे इस विशाल चार लेन पुल की पाइलिंग का काम अब आखिरी चरण में यानी 95 फीसदी तक पहुंच गया है। जिन हिस्सों में पाइलिंग पूरी हो चुकी है, वहां पिअर खड़े करने का काम शुरू हो गया है और उन पर पिअर कैप लगाने का काम तेजी से चल रहा है।
MMRDA की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, अब तक इस पूरे प्रोजेक्ट का कुल 25 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इस महत्वाकांक्षी पुल को अगले 42 महीनों में पूरा करने की योजना है, और इसके लिए 1,551.18 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई है।
ठाणे और आसपास के इलाके में आवाजाही को और रफ्तार देने के लिए MMRDA के ट्रैफिक प्लान में इस खाड़ी पुल को बहुत अहम जगह दी गई है। यह पुल आगे चलकर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन, ठाणे कोस्टल रोड, विरार-अलीबाग मल्टीमोडल कॉरिडोर, दिवा-वसई रेलवे लाइन, नेशनल हाईवे 48 (NH-48) और अंजूर-चिंचोटी रोड जैसे तमाम बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से जुड़ जाएगा। इससे ठाणे शहर का ट्रैफिक और रीजनल इकोनॉमिक सेंटर के तौर पर महत्व और बढ़ जाएगा।
ठाणे के घोडबंदर रोड पर दिन-रात गाड़ियों की भारी भीड़ रहती है। ठाणे शहर से मुंबई के पश्चिमी उपनगरों की ओर, मीरा-भाईंदर की तरफ और मुंबई-अहमदाबाद हाईवे की ओर जाने वाली यात्री और माल ढुलाई वाली गाड़ियों का पूरा बोझ फिलहाल इसी एक रास्ते पर है।
गायमुख-पायेगाव पुल शुरू होने के बाद घोडबंदर रोड पर भारी वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा, जिससे हजारों वाहन चालकों का सफर काफी आसान, सुरक्षित और समय बचाने वाला बन जाएगा।