गणेशोत्सव से पहले कोकण जाने वाले भक्तों को सड़क और रेलवे दोनों तरफ से झटका
मुंबई-गोवा हाईवे का काम अभी भी अधूरा, नागोठणे का पुल बंद, और कोकण रूट की ज्यादातर ट्रेनों में टिकट फुल
गणेशोत्सव में बस तीन दिन बचे हैं, लेकिन कोकण जाने वाले गणेशभक्तों के लिए हर साल की तरह इस बार भी रास्ता आसान नहीं है। मुंबई-गोवा हाईवे का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है, और कोकण रूट की बड़ी ट्रेनों में टिकट मिलना अब लगभग नामुमकिन हो गया है। सड़क और रेलवे, दोनों तरफ की दिक्कतें दूर करने में सिस्टम नाकाम रहा है, जिससे कोकणवासियों में नाराजगी है।
नागोठणे में जो पुल बंद पड़ा है, उसकी फिलहाल अस्थायी मरम्मत करके कम से कम एक लेन हल्के वाहनों के लिए खोलने की कोशिश हो रही है। लेकिन पुल की स्ट्रक्चर और स्ट्रेंथ टेस्ट के बाद ही तय होगा कि इस पर ट्रैफिक शुरू किया जाए या नहीं। इंदापूर और माणगाव के बायपास रूट की कम से कम एक लेन गणेशोत्सव से पहले शुरू करने की कोशिश थी, लेकिन कोकण रेलवे ने गर्डर डालने के काम के लिए ब्लॉक देने से मना कर दिया, जिस वजह से यह काम अब पूरा नहीं हो पाएगा। नतीजा यह कि इस रूट पर ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा।
अधिकारियों का दावा है कि मुंबई-गोवा हाईवे का काम 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन हाईवे के पुल और बायपास रोड का काम अभी भी अधूरा है। इंदापूर और माणगाव के बायपास रोड का काम रुका पड़ा है, और चिपळूण के फ्लाईओवर का काम भी अधूरा है। नागोठणे में नया बना पुल दरारें आने की वजह से फिलहाल ट्रैफिक के लिए बंद है।
सड़कों की परेशानी के साथ-साथ रेलवे में भी अड़चनें आ गई हैं। 10 सितंबर से आगे के कई दिनों के लिए कोकण जाने वाली ज्यादातर ट्रेनों का रिजर्वेशन फुल हो चुका है। वेटिंग लिस्ट भी पूरी भर जाने से अब आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर "रिग्रेट" (वेटिंग लिस्ट भी बंद) का मैसेज दिखने लगा है। गणेशोत्सव के लिए 11 और 12 सितंबर को कोकण जाने के लिए यात्रियों ने बड़ी संख्या में बुकिंग की, लेकिन डिमांड के मुकाबले ट्रेनों की संख्या कम पड़ने से बहुत लोगों को टिकट नहीं मिल पाया। वेटिंग लिस्ट की लिमिट पार होने के बाद रेलवे ने सीधे टिकट बिक्री भी बंद कर दी, जिससे यात्रियों में गुस्सा फैल गया है। यात्री मांग कर रहे हैं कि रेलवे प्रशासन फौरन अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाए।
जिन ट्रेनों में टिकट मिलना मुश्किल हो गया है उनमें जनशताब्दी एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, कोकणकन्या एक्सप्रेस, तुतारी एक्सप्रेस, सूरत-मडगांव एक्सप्रेस, मंगळुरू एक्सप्रेस, दिवा-सावंतवाडी एक्सप्रेस, नेत्रावती एक्सप्रेस और मांडवी एक्सप्रेस शामिल हैं।