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14:20 IST

गणेशोत्सव में इस बार मुंबई में सजेगी शास्त्रीय संगीत की सात दिन की महफिल

प्रभादेवी के रवींद्र नाट्य मंदिर में १७ से २४ सितंबर तक रोज शाम होगा शास्त्रीय संगीत महोत्सव, एंट्री फ्री

गणेशोत्सव में इस बार मुंबई में सजेगी शास्त्रीय संगीत की सात दिन की महफिल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

गणेशोत्सव को अब 'राज्य महोत्सव' का दर्जा मिल गया है, और इसी के चलते इस बार मुंबई में पहली बार गणेशोत्सव के मौके पर शास्त्रीय संगीत की खास महफिल सजने जा रही है। महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक कार्य विभाग के अंतर्गत आने वाले सांस्कृतिक कार्य संचालनालय ने 'गणेशोत्सव २०२६ शास्त्रीय संगीत महोत्सव' का आयोजन किया है। यह पूरे एक हफ्ते चलने वाला संगीत महोत्सव १७ से २४ सितंबर २०२६ तक प्रभादेवी के रवींद्र नाट्य मंदिर के मिनी थिएटर में होगा।

हर शाम ६.३० बजे शुरू होने वाले इस महोत्सव में कई नामी कलाकार गायन और वादन पेश करेंगे। इस आयोजन के पीछे मकसद यही है कि शास्त्रीय संगीत की पुरानी परंपरा बची रहे, उसे और आगे बढ़ाया जाए और नई पीढ़ी तक भी यह पहुंचे।

महोत्सव के पहले दिन, यानी १७ सितंबर को सुभद्रा देसाई का गायन होगा, साथ में एस. आकाश और मेहताब अली नियाझी की बांसुरी-सितार की जोड़ी वादन पेश करेगी। १८ सितंबर को स्वर शर्मा और अनुजा झोकरकर गाएंगी, तो १९ सितंबर को नूपुर गाडगीळ और नागेश आडगावकर की गायन महफिल होगी।

२० सितंबर को मृणालिनी देसाई रुद्रवीणा बजाएंगी और गंधार देशपांडे गायन पेश करेंगे। २१ सितंबर को यज्ञेश रायकर वायलिन बजाएंगे और प्राजक्ता मराठे गायन करेंगी। २२ सितंबर को धनंजय हेगडे के गायन के साथ यशवंत वैष्णव और सुखद मुंडे की तबला-पखावज जोड़ी वादन पेश करेगी। २३ सितंबर को विनय रामदासन गायन पेश करेंगे, तो अभिषेक बोरकर सरोद बजाएंगे। महोत्सव के आखिरी दिन, २४ सितंबर को केदार केळकर के गायन के साथ अपूर्वा गोखले और पल्लवी जोशी की युगल गायन जोड़ी परफॉर्म करेगी।

पहले मुंबई के सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों में शास्त्रीय गायन-वादन की महफिलें, नाट्यसंगीत, भावसंगीत और व्याख्यानमाला जैसे कार्यक्रम बड़े स्तर पर होते थे। १९६० से १९८० के दौरान बड़े-बड़े कलाकारों को सुनने का मौका आम रसिकों को उत्सव के बहाने मिल जाता था। लेकिन बाद में फिल्मी संगीत, ऑर्केस्ट्रा और डीजे का बोलबाला बढ़ने से गणेशोत्सव में शास्त्रीय संगीत कम होता चला गया। अब राज्य महोत्सव का दर्जा मिलने के बाद इस पुरानी परंपरा को फिर से जिंदा करने की कोशिश इस महोत्सव के जरिए की जा रही है।

इस महोत्सव का सूत्रसंचालन राणी वर्मा करेंगी, जबकि इसकी प्लानिंग और संकलन पंचम निषाद के संचालक और संस्थापक शशी व्यास ने किया है। यह सांस्कृतिक आयोजन सांस्कृतिक कार्य, इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्री एडवोकेट आशिष शेलार की सोच से और सांस्कृतिक कार्य विभाग के सचिव डॉ. किरण कुलकर्णी की देखरेख में हो रहा है।

'गणेशोत्सव २०२६ शास्त्रीय संगीत महोत्सव' में एंट्री बिल्कुल फ्री रखी गई है। सांस्कृतिक कार्य संचालनालय के डायरेक्टर प्रशांत खेडेकर ने मुंबई और आसपास के इलाकों के संगीत प्रेमियों से अपील की है कि वे बड़ी तादाद में आएं और इस हफ्तेभर चलने वाले संगीत महोत्सव का लुत्फ उठाएं।

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