गुरूवार, 17 सितमबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
07:23 IST

देशभर बिजली संयंत्रों में कोयला घटा, गर्मी और मांग बढ़ने से केंद्र सरकार चिंतित

देश में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बीच करीब एक तिहाई थर्मल पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक बेहद कम रह गया है, जिससे केंद्र सरकार आपूर्ति बढ़ाने में जुट गई है।

देशभर बिजली संयंत्रों में कोयला घटा, गर्मी और मांग बढ़ने से केंद्र सरकार चिंतित तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

देश को अंधेरे में धकेलने वाली एक खबर सामने आई है। एक बार फिर बड़े बिजली संकट का डर पैदा हो गया है, क्योंकि जिस रफ्तार से बिजली की मांग बढ़ रही है, उसके मुकाबले देश के करीब एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत थर्मल पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक बहुत कम बचा है। सरकार अब सप्लाई बढ़ाने की कोशिश में लगी है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लंबे समय से चल रही गर्मी की वजह से बिजली की मांग ज्यादा बनी हुई है, और इसी वजह से यह हालत बनी है।

भारत में बिजली की सबसे ज्यादा मांग मई महीने में 270.70 गीगावॉट के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी, और अभी भी वह करीब-करीब उसी लेवल पर बनी हुई है। अल नीनो मौसम प्रणाली की वजह से कूलिंग यानी ठंडक की जरूरत बढ़ गई है। इसी वजह से बिजली की मांग लगातार बढ़ती जा रही है और पिछले कुछ दिनों में यह करीब 267 गीगावॉट तक पहुंच गई है।

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी के आंकड़ों के अनुसार, जिन पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक बेहद कम है यानी जरूरी स्टॉक का 25 प्रतिशत से भी कम, या फिर सिर्फ तीन दिन से कम की बिजली बनाने लायक कोयला बचा है, ऐसे प्लांट की संख्या अगस्त महीने के आखिर में 45 थी, जो 9 सितंबर तक तेजी से बढ़कर 59 हो गई। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर के विश्लेषक मनोज कुमार का कहना है कि कम कोयला स्टॉक वाले पावर प्लांट की बढ़ती संख्या चिंता की बात है।

विश्लेषकों के मुताबिक स्वच्छ ऊर्जा, खासकर सोलर एनर्जी, दिन के वक्त बिजली की ज्यादातर मांग पूरी कर रही है, लेकिन बैटरी स्टोरेज की कमी और जलाशयों में पानी का लेवल कम होने की वजह से कोयले पर चलने वाले बिजली उत्पादन पर दबाव बढ़ रहा है।

मनोज कुमार ने बताया कि स्टॉक को सामान्य स्तर पर बनाए रखने के लिए भारत को रेलवे नेटवर्क के जरिए बिजली कंपनियों तक कोयले की सप्लाई और बढ़ानी होगी। 6 सितंबर को भारत ने पावर प्लांट तक कोयला पहुंचाने के लिए 444 ट्रेनें यानी रैक तैनात कीं, जबकि 3 सितंबर को यह आंकड़ा 370 था। कोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों ने सड़क के रास्ते भी कोयले की ढुलाई बढ़ा दी है। दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी कोल इंडिया का कहना है कि उसकी खदानों के मुहाने पर अभी भी करीब 76 मिलियन टन कोयले का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे